सारण जिले के पानापुर थाना क्षेत्र अंतर्गत भोरहा गांव में प्रेम प्रसंग का एक अनोखा मामला सामने आया है। प्रेमिका से मिलने रात में उसके घर पहुंचे एक युवक को परिजनों ने पकड़ लिया। पहले उसे घर में ही रोक लिया गया, लेकिन बाद में दोनों परिवारों और ग्रामीणों की मौजूदगी में गांव के शिव मंदिर में प्रेमी-प्रेमिका की शादी करा दी गई। इस अनोखी शादी की पूरे इलाके में चर्चा हो रही है।
बहन के ससुराल से शुरू हुई प्रेम कहानी
जानकारी के अनुसार, मशरक थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी युवक की बहन की शादी पानापुर थाना क्षेत्र के कोंध भगवानपुर गांव में हुई है। बहन के ससुराल आने-जाने के दौरान युवक की पहचान पड़ोस के भोरहा गांव की एक युवती से हुई। धीरे-धीरे दोनों के बीच प्रेम संबंध स्थापित हो गए। सोमवार की रात युवक अपनी प्रेमिका से मिलने उसके घर पहुंचा, जहां युवती के परिजनों ने उसे पकड़ लिया और घर में ही रोक लिया।
परिजनों की असहमति के बावजूद शादी पर अड़े रहे दोनों
घटना की सूचना मिलने पर मंगलवार की सुबह युवक की मां भोरहा गांव पहुंची। इस बीच दोनों परिवारों को पहले से ही प्रेम संबंध की जानकारी होने के कारण मामला बातचीत के माध्यम से सुलझाने का प्रयास किया गया। बताया जाता है कि परिवार के कुछ सदस्यों की शुरुआती असहमति के बावजूद प्रेमी-प्रेमिका शादी करने की जिद पर अड़े रहे।
बिना बैंड-बाजे के हुई शादी
इसके बाद पंचायत तथा गांव के पूर्व मुखिया सभापति राय की पहल पर दोनों पक्षों के बीच आपसी सहमति बन गई। सहमति बनने के बाद भोरहा गांव के मठिया स्थित शिव मंदिर में भगवान शिव को साक्षी मानकर दोनों ने वैदिक रीति-रिवाज से सात फेरे लिए और विवाह बंधन में बंध गए। बिना बैंड-बाजे और तामझाम के संपन्न हुई इस शादी को देखने के लिए आसपास के गांवों से भी बड़ी संख्या में लोग मंदिर परिसर में जुटे।
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सादगीपूर्ण विवाह बना चर्चा का विषय
ग्रामीणों का कहना है कि जब लड़का और लड़की दोनों बालिग हों और अपनी मर्जी से विवाह करना चाहें, तो परिवार की सहमति से सादगीपूर्ण विवाह समाज के लिए एक सकारात्मक संदेश हो सकता है। कई लोगों ने इसे बढ़ते विवाह खर्च के बीच सादगी और आपसी सहमति का उदाहरण भी बताया। फिलहाल, इस अनोखी शादी की पूरे क्षेत्र में खूब चर्चा हो रही है।