फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Bihar: 29 करोड़ की थावे मंदिर परियोजना में देरी पर सरकार सख्त, अधिकारियों पर गिरी गाज; दो इंजीनियर हटाए गए

Mon, 01 Jun 2026 02:58 PM IST
सारण ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सारण

सार

थावे दुर्गा मंदिर के 29 करोड़ रुपये के सौंदर्यीकरण प्रोजेक्ट में लगातार देरी और लापरवाही पर बिहार सरकार ने सख्त कार्रवाई करते हुए पर्यटन विभाग के कार्यपालक अभियंता और सहायक अभियंता को हटा दिया। स्थानीय लोगों को अब निर्माण कार्य तेज होने की उम्मीद है।

विज्ञापन
थावे मंदिर - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

बिहार के प्रसिद्ध सिद्धपीठ थावे दुर्गा मंदिर के सौंदर्यीकरण और पर्यटन विकास परियोजना में लापरवाही सामने आने पर राज्य सरकार ने सख्त कार्रवाई की है। मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने परियोजना की धीमी रफ्तार और कथित अनियमितताओं को गंभीरता से लेते हुए पर्यटन विभाग के कार्यपालक अभियंता और सहायक अभियंता को तत्काल प्रभाव से पद से हटा दिया। दोनों अधिकारियों को उनके मूल विभाग में वापस भेजने के निर्देश जारी किए गए हैं।

जनवरी 2026 की डेडलाइन भी चूकी

विज्ञापन

बिहार सरकार ने वर्ष 2023 में थावे दुर्गा मंदिर को विश्वस्तरीय धार्मिक और पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए करीब 29 करोड़ रुपये की महत्वाकांक्षी योजना को मंजूरी दी थी। इसके तहत मंदिर परिसर के सौंदर्यीकरण के साथ श्रद्धालुओं के लिए आधुनिक सुविधाएं विकसित की जानी थीं। शुरुआत में परियोजना को जनवरी 2025 तक पूरा करने की समयसीमा तय की गई थी। समय पर काम पूरा नहीं होने पर सरकार ने निर्माण एजेंसियों को एक साल का अतिरिक्त समय दिया और जनवरी 2026 तक हर हाल में काम पूरा करने के निर्देश दिए। इसके बावजूद निर्माण कार्य अधूरा रह गया, जिससे स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं में नाराजगी बढ़ गई।

पढे़ं: कंप्यूटर क्लास जाने निकले थे दो दोस्त, रास्ते में मौत ने रोका सफर! बस की टक्कर से दोनों की दर्दनाक मौत

विधायक की शिकायत के बाद कार्रवाई

विज्ञापन

परियोजना में देरी और लापरवाही को लेकर बरौली के जदयू विधायक और विधानसभा के उप सचेतक मंजीत सिंह ने मुख्य सचिव को पत्र लिखकर शिकायत की थी। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए मुख्य सचिव ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए गोपालगंज के जिलाधिकारी से विस्तृत रिपोर्ट तलब की। जिला प्रशासन की जांच में परियोजना के क्रियान्वयन में लापरवाही और धीमी प्रगति की पुष्टि होने पर दोनों इंजीनियरों को हटाने का आदेश जारी किया गया। इसके साथ ही निर्माण एजेंसी को अधूरे कार्य जल्द पूरा करने के लिए सख्त निर्देश और अल्टीमेटम भी दिया गया है।

श्रद्धालुओं को अब तेज काम की उम्मीद

विज्ञापन

सरकार की इस कार्रवाई से प्रशासनिक महकमे में हलचल मच गई है। इसे थावे दुर्गा मंदिर विकास परियोजना में तेजी लाने और अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की दिशा में बड़ा संदेश माना जा रहा है। स्थानीय लोगों और दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं को अब उम्मीद है कि निर्माण कार्य जल्द रफ्तार पकड़ेगा और थावे दुर्गा मंदिर को एक भव्य और विकसित धार्मिक-पर्यटन स्थल के रूप में नई पहचान मिलेगी।

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें