सीवान में सोमवार सुबह पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए राजद विधायक ओसामा शहाब के प्रतापपुर और नई किला स्थित आवासों पर छापेमारी की। इस कार्रवाई का नेतृत्व खुद डीआईजी नीलेश कुमार और एसपी पूरन कुमार झा ने किया। छापेमारी गोपालगंज में दर्ज एक प्राथमिकी के आधार पर की गई है, जिसमें पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद कोर्ट से वारंट जारी हुआ था।
बिहार के सीवान जिले से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आई है, जहां सोमवार सुबह पुलिस प्रशासन ने एक साथ दो ठिकानों पर बड़ी कार्रवाई की। रघुनाथपुर विधानसभा क्षेत्र से राजद विधायक ओसामा शहाब के प्रतापपुर और नई किला स्थित आवासों पर भारी पुलिस बल ने छापेमारी की, जिससे इलाके में हड़कंप मच गया।
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डीआईजी और एसपी ने संभाली कमान
इस छापेमारी की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसका नेतृत्व खुद सारण रेंज के डीआईजी नीलेश कुमार और सीवान के एसपी पूरन कुमार झा कर रहे थे। सुबह जब पुलिस की कई गाड़ियां काफिले के साथ विधायक के पैतृक गांव प्रतापपुर और शहर के नई किला स्थित घर पहुंचीं, तो स्थानीय लोग हैरान रह गए।
क्यों हुई छापेमारी, जानें पूरा मामला
मिली जानकारी के अनुसार यह कार्रवाई गोपालगंज के मांझागढ़ निवासी डॉ. विनय कुमार सिंह की पत्नी डॉ. सुधा सिंह द्वारा सीवान के महादेवा थाने में दर्ज कराई गई प्राथमिकी के आधार पर की गई है। डीआईजी नीलेश कुमार ने बताया कि इस मामले में पुलिस को पर्याप्त साक्ष्य मिले थे, जिसके बाद न्यायालय से वारंट लिया गया और कानूनी प्रक्रिया के तहत छापेमारी की गई।
छावनी में तब्दील हुए आवास
छापेमारी के दौरान विधायक के दोनों आवासों के आसपास कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। जांच में किसी तरह की बाधा न आए, इसके लिए जिले के कई थानों की पुलिस तैनात की गई थी। टीम में सदर एसडीपीओ अजय कुमार सिंह, मैरवा एसडीपीओ गौरी कुमारी, नगर थानाध्यक्ष, मुफ्फसिल, महादेवा और सराय थाने के अधिकारी सहित भारी संख्या में पुलिस बल मौजूद रहा।
इलाके में अफरा-तफरी का माहौल
अचानक हुई इस हाई-प्रोफाइल कार्रवाई से प्रतापपुर और नई किला इलाके में अफरा-तफरी मच गई। शुरुआत में लोगों को समझ नहीं आया कि इतनी बड़ी संख्या में पुलिस क्यों पहुंची, लेकिन बाद में पता चला कि मामला विधायक ओसामा शहाब से जुड़ी जांच का है।