राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने राज्य के सभी 534 अंचल कार्यालयों की नवंबर माह की रैंकिंग जारी की है। मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल के निर्देशानुसार यह रैंकिंग जारी की गई, जिसका उद्देश्य आम जनता को राजस्व और भूमि संबंधित सेवाओं में पारदर्शिता और कुशलता प्रदान करना है। इस रैंकिंग में सीवान के हसनपुरा अंचल कार्यालय ने शीर्ष स्थान हासिल किया है।
टॉप तीन में कौन-कौन से अंचल
रैंकिंग में सीवान के हसनपुरा अंचल को 85.83 अंकों के साथ पहला स्थान मिला है। दूसरे स्थान पर बांका जिले का फुल्लीडुमर अंचल 85.77 अंकों के साथ है, जबकि वैशाली जिले का पातेपुर अंचल कार्यालय 82.72 अंकों के साथ तीसरे स्थान पर रहा। अक्तूबर में फुल्लीडुमर पहले और हसनपुरा दूसरे स्थान पर था।
टॉप 10 अंचल कार्यालयों की सूची
टॉप 10 में बांका और वैशाली जिलों के तीन-तीन अंचल कार्यालय शामिल हैं। चौथे स्थान पर मुजफ्फरपुर का पारू अंचल कार्यालय रहा, जिसने 21वें स्थान से लंबी छलांग लगाई। इसके अलावा वैशाली का महुआ पांचवें, बांका का बरहट छठे, औरंगाबाद का हसपुरा सातवें, वैशाली का जंदाहा आठवें, बांका का शंभुगंज नौवें और सुपौल का मरौना अंचल कार्यालय दसवें स्थान पर रहा।
टॉप 25 में शामिल प्रमुख अंचल कार्यालय
11वें से 25वें स्थान तक की सूची में सिवान, बांका, शेखपुरा, पश्चिमी चंपारण, समस्तीपुर, सुपौल, जहानाबाद, मुंगेर, पूर्णिया और सारण के अंचल कार्यालयों ने स्थान प्राप्त किया है। इनमें सीवान का नौतन, बांका का बौंसी, शेखपुरा का चेवाड़ा और सारण का एकमा प्रमुख हैं।
टॉप 50 में बांका का दबदबा
टॉप 50 में भी बांका जिले का वर्चस्व रहा, जहां इसके कई अंचल कार्यालयों ने अपनी जगह बनाई। इनमें अमरपुर, धौरिया, बेलहर और रजौन प्रमुख हैं। अन्य जिलों में पूर्णिया, सुपौल, मधुबनी और पश्चिमी चंपारण के अंचल कार्यालयों ने भी सूची में अपनी मौजूदगी दर्ज कराई।
कैसे तय होती है रैंकिंग?
अंचल कार्यालयों की रैंकिंग निम्नलिखित कार्यों के आधार पर की जाती है:-
- परिमार्जन प्लस: 25 अंक
- म्यूटेशन: 20 अंक
- अभियान बसेरा: 15 अंक
- ई-मापी: 15 अंक
- सरकारी जमीन की इंट्री और वेरीफिकेशन: 10 अंक
- जमाबंदी निपटारा: 5 अंक
- अतिक्रमणवाद निबटारा: 5 अंक
- आधार सीडिंग: 2.5 अंक
- ऑनलाइन एलपीसी: 2.5 अंक
राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने कहा कि आम जनता को भूमि सर्वे और अन्य राजस्व कार्यों में कोई परेशानी न हो, इसके लिए मुख्यालय स्तर से अंचल कार्यालयों की लगातार समीक्षा की जा रही है। इस रैंकिंग प्रक्रिया से कार्यप्रणाली में सुधार हुआ है।