शिवलिंग को देखने उमड़ी लोगों की भीड़।
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एक ही बड़े ग्रेनाइट पत्थर से बना है विराट शिवलिंग
यह शिवलिंग तमिलनाडु के महाबलीपुरम के पट्टीकाडु गांव में तैयार किया गया है। यह विशाल शिवलिंग एक ही बड़े ग्रेनाइट पत्थर से निर्मित है, जो भारतीय शिल्पकला का अद्भुत उदाहरण प्रस्तुत करता है। शिवलिंग में पारंपरिक दक्षिण भारतीय नक्काशी शैली की झलक साफ दिखायी देती है। इसका वजन 210 टन है, जबकि लंबाई 33 फुट व मोटाई 33 फुट है, जिसे विशेष रूप से डिजाइन किये गये 96 चक्के के ट्रक पर लोड किया गया है। गोपालगंज से यह यात्रा करीब 45 से 50 घंटे में पूरी हुई और अब यह पूर्वी चंपारण में प्रवेश करेगा। गोपालगंज में जगह-जगह लोग शिवलिंग का स्वागत करने और पूजा-अर्चना करने के लिए खड़े थे।
महावीर मंदिर पटना ट्रस्ट द्वारा बनाया जा रहा है
गौरतलब हो कि बिहार राज्य धार्मिक न्यास समिति के अध्यक्ष रहे स्व आचार्य किशोर कुणाल ने विराट रामायण मंदिर का निर्माण करने के लिए शिलान्यास किया था। 20 जून, 2023 को शिलान्यास के बाद से नींव, प्रवेश द्वार, सिंह द्वार, नंदी मंडप और गर्भगृह की पाइलिंग कार्य पूरा किया जा चुका है। पूर्वी चंपारण के चकिया के पास कथवलिया में दुनिया का सबसे बड़ा विराट रामायण मंदिर बन रहा है, जो अयोध्या के राम मंदिर से कई गुना बड़ा होगा और इसमें कंबोडिया के अंगकोर वाट से भी ऊंचा शिखर होगा, यह मंदिर महावीर मंदिर पटना ट्रस्ट द्वारा बनाया जा रहा है और 2026 तक पूरा होने की उम्मीद है, जिसमें 20,000 लोगों के बैठने की क्षमता वाला हॉल होगा और यह 140 एकड़ में फैला है। यह शिवलिंग उसी मंदिर में स्थापित होना है।