गोपालगंज जिले के उचकागांव थाना क्षेत्र के पेंदुला खास गांव निवासी नासिर मियां सऊदी अरब में रहकर वेल्डर का काम करते थे। काम खत्म होने पर पांच माह पहले ही कंपनी द्वारा उन्हें वापस घर भेज दिया गया था। इसके बाद वे उचकागांव थाना क्षेत्र के हरपुर गांव निवासी अपने बहनोई फिरोज आलम के साथ श्यामपुर बाजार में रहकर खस्सी का मांस बेचने का काम करते थे।
अनियंत्रित ट्रैक्टर की चपेट में आने से मौत
शनिवार की शाम उचकागांव थाना क्षेत्र के जलालदी टोला गांव में उन्हें खस्सी का मांस डिलीवर करने का काम मिला था। वहां मांस पहुंचाने के बाद वे अपने बहनोई के साथ बाइक पर सवार होकर श्यामपुर बाजार लौट रहे थे। इसी दौरान श्यामपुर बाजार रोड पर विजय सिनेमा हॉल के समीप उनकी बाइक अनियंत्रित ट्रैक्टर की चपेट में आ गई। इस हादसे में नासिर मियां की मौत हो गई, जबकि उनके बहनोई फिरोज आलम बुरी तरह घायल हो गए।
परिजनों को रो-रोकर बुरा हाल
घटना के बाद से नासिर के घर में चीख-पुकार मची हुई है। उनकी पत्नी शाहजहां खातून, मां शायदा खातून, ससुर अब्दुल मन्नान, सास सुबुकतारा खातून, बहन अब्राना खातून सहित पूरे परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। बताया जा रहा है कि नासिर मियां का विवाह लगभग नौ वर्ष पहले थावे थाना क्षेत्र के पैठानपट्टी गांव निवासी अब्दुल मन्नान की बेटी शाहजहां खातून के साथ हुआ था।
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बच्चों के सिर से उठा पिता का साया
शादी के बाद उनके दो बच्चे हुए पांच साल का बेटा एहसान और चार साल की बेटी अफ्रीना। दोनों एक निजी विद्यालय में यूकेजी में पढ़ते हैं। दोनों बच्चे इस बात से बेखबर हैं कि उनके सिर से पिता का साया उठ चुका है। घटना के बाद से पत्नी शाहजहां खातून को समझ नहीं आ रहा है कि अब उनका जीवन किसके सहारे गुजरेगा। परिवार के लोगों की चीख-पुकार से पूरा माहौल गमगीन हो गया है। आसपास के लोग और रिश्तेदार उन्हें ढांढस बंधाने में लगे हुए हैं।