शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने हरिहरनाथ मंदिर में की विशेष पूजा
- फोटो : Amar Ujala
बिहार सरकार के नवनियुक्त शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने राज्य की शिक्षा व्यवस्था को मजबूत और आधुनिक बनाने तथा बिहार को एक बार फिर 'ज्ञान की भूमि' के रूप में स्थापित करने का संकल्प लिया है। यह बात उन्होंने एशिया प्रसिद्ध सोनपुर स्थित बाबा हरिहरनाथ मंदिर में शुक्रवार को विशेष पूजा-अर्चना के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए कही। मंदिर के गर्भगृह में पुजारियों द्वारा वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच विधि-विधान से पूजा संपन्न कराई गई।
राज्य की शिक्षा व्यवस्था को सुधारने के लिए ठोस कदम उठाएंगे
शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के मार्गदर्शन में बिहार की शिक्षा व्यवस्था को सुधारने की दिशा में ठोस कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि बाबा हरिहरनाथ की पावन धरती उन्हें शांति, शक्ति और भक्ति प्रदान करती है। यह भूमि भगवान हरि और हर की एकता का प्रतीक है और यहां की आध्यात्मिक ऊर्जा प्रेरणा देती है।
बिहार ऋषि-मुनियों और ज्ञान की परंपरा से जुड़ा रहा
मंत्री ने बिहार की ऐतिहासिक शैक्षणिक विरासत का उल्लेख करते हुए कहा कि यह राज्य ऋषि-मुनियों और ज्ञान की परंपरा से जुड़ा रहा है। उन्होंने कहा कि महात्मा बुद्ध, भगवान महावीर और आचार्य चाणक्य जैसी महान विभूतियों ने इसी धरती से विश्व को ज्ञान का मार्ग दिखाया। उन्होंने नालंदा विश्वविद्यालय का जिक्र करते हुए कहा कि एक समय यहां देश-विदेश से विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण करने आते थे। अब सरकार बिहार की शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक, सशक्त और गुणवत्तापूर्ण बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।
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इस अवसर पर नरकटियागंज विधायक संजय पांडेय ने भी बाबा हरिहरनाथ मंदिर में पूजा-अर्चना की। पूजा के बाद मंदिर न्यास समिति की ओर से मंत्री और अन्य अतिथियों का अंगवस्त्र एवं प्रतीक चिन्ह देकर स्वागत किया गया। मंत्री ने बताया कि शपथ ग्रहण के बाद पदभार संभालने से पहले उन्होंने बाबा हरिहरनाथ का आशीर्वाद लिया ताकि राज्य में सुख, शांति और समृद्धि बनी रहे।