छपरा के राजेंद्र स्टेडियम में आयोजित रावण दहन कार्यक्रम सफलतापूर्वक हुआ संपन्न:
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सारण की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और गौरवशाली धरती कौमी एकता की मिसाल भी रही है। यहां सभी जाति और धर्मों के लोग आपसी समन्वय के साथ एक-दूसरे के धार्मिक आयोजनों में बढ़-चढ़कर सहयोग करते हैं। इसी सौहार्द की मिसाल छपरा शहर के राजेंद्र स्टेडियम में देखने को मिली, जहां दुर्गापूजा के बाद आयोजित रावण वध कार्यक्रम शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ।
सारण के जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव और वरीय पुलिस अधीक्षक रौशन कुमार के संयुक्त नेतृत्व में जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन ने दुर्गापूजा के विभिन्न आयोजनों को व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए व्यापक तैयारियां की थीं। रावण दहन स्थल राजेंद्र स्टेडियम सहित जुलूस मार्ग पर विधि-व्यवस्था बनाए रखने, भीड़ प्रबंधन और आम लोगों की सुरक्षा के लिए आवश्यक इंतजाम किए गए थे।
रावण दहन समारोह में भगवान श्रीरामचंद्र, उनके भ्राता लक्ष्मण और हनुमान की सेना कचहरी स्टेशन के निकट से रथ पर सवार होकर निकली। बैंड-बाजे के साथ यह जुलूस योगिनियां कोठी, नगर पालिका चौक, थाना चौक और डाकबंगला रोड होते हुए राजेंद्र स्टेडियम पहुंचा। रथ के स्टेडियम में प्रवेश करते ही जयकारों के साथ स्वागत किया गया। इस दौरान हजारों की संख्या में मौजूद रामभक्तों का उत्साह देखते ही बन रहा था।
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रावण वध समिति के अनुसार, समारोह में लगभग 90 फीट ऊंचे रावण और 80 फीट ऊंचे मेघनाद के पुतलों का दहन किया गया। यह आयोजन बुराई पर अच्छाई, असत्य पर सत्य और अधर्म पर धर्म की विजय का प्रतीक है। विजयादशमी का पर्व लोगों को अहंकार, अन्याय और बुराइयों का त्याग कर सत्य, सदाचार तथा नैतिक मूल्यों को अपनाने की प्रेरणा देता है।
जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन के संयुक्त प्रयासों तथा प्रतिनियुक्त पदाधिकारियों और कर्मियों की सक्रिय भूमिका से समारोह सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। कार्यक्रम के दौरान दंडाधिकारियों, पुलिस पदाधिकारियों और पुलिस बल की तैनाती की गई थी। किसी भी आकस्मिक परिस्थिति से निपटने और जरूरतमंदों को तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने के लिए मेडिकल टीमों की भी व्यवस्था की गई थी। विजयादशमी का यह आयोजन समाज में आपसी सद्भाव, सकारात्मकता और अच्छाई की विजय का संदेश देकर संपन्न हुआ।