बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने शुक्रवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए सीवान जिले के दरौंदा थाना क्षेत्र स्थित रैनी गांव में तत्कालीन सारण जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (DPO) अजीत अमर के पैतृक आवास पर छापेमारी शुरू कर दी। छापेमारी की सूचना मिलते ही इलाके में लोगों की भारी भीड़ जुट गई और पूरे क्षेत्र में हलचल का माहौल बना रहा।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, आर्थिक अपराध इकाई के डीएसपी सी.पी. यादव के नेतृत्व में नौ सदस्यीय टीम स्थानीय थानाध्यक्ष विकास कुमार सिंह और पुलिस बल के साथ छापेमारी कर रही है। यह कार्रवाई केवल सीवान तक सीमित नहीं है, बल्कि सहरसा, सारण (छपरा) समेत कुल पांच अलग-अलग ठिकानों पर एक साथ की जा रही है। टीम संबंधित दस्तावेजों, चल-अचल संपत्तियों और अन्य महत्वपूर्ण अभिलेखों की गहन जांच में जुटी हुई है।
अवैध राशि वसूली के आरोप लगे थे
सूत्रों के अनुसार, यह कार्रवाई उस मामले से जुड़ी बताई जा रही है, जिसमें अजीत अमर पर तत्कालीन सारण जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (DPO) के पद पर रहते हुए अवैध राशि वसूली के आरोप लगे थे। इन्हीं आरोपों की जांच के क्रम में आर्थिक अपराध इकाई ने विशेष अभियान चलाते हुए एक साथ कई स्थानों पर छापेमारी शुरू की है। हालांकि, इन आरोपों की जांच अभी जारी है और अंतिम निष्कर्ष आना बाकी है।छापेमारी के दौरान आर्थिक अपराध इकाई घर के दस्तावेजों, बैंक संबंधी कागजात, संपत्ति के रिकॉर्ड और अन्य आवश्यक अभिलेखों की जांच कर रही है। स्थानीय पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था संभाल रखी है, जबकि आसपास जुटी भीड़ को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल भी तैनात किया गया है।
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फिलहाल, आर्थिक अपराध इकाई की ओर से छापेमारी में क्या-क्या बरामद हुआ है, इसे लेकर कोई आधिकारिक जानकारी साझा नहीं की गई है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही विस्तृत जानकारी सार्वजनिक की जाएगी। इस हाई-प्रोफाइल कार्रवाई पर पूरे जिले की नजर बनी हुई है। जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ेगी और आर्थिक अपराध इकाई की ओर से आधिकारिक जानकारी सामने आएगी, मामले में नए खुलासे होने की संभावना है।