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Bihar: जमीन कब्जा, मनी लॉन्ड्रिंग और राजनीतिक संरक्षण! भू-माफिया के काले साम्राज्य को ध्वस्त करने जा रही सरकार

Tue, 02 Jun 2026 10:03 AM IST
सारण ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गोपालगंज

सार

Bihar: गोपालगंज पुलिस ने कुख्यात भू-माफिया गंग दयाल यादव और उसके नेटवर्क पर अब तक की सबसे बड़ी आर्थिक कार्रवाई की तैयारी पूरी कर ली है। पुलिस जांच में उसकी 42 करोड़ रुपये से अधिक की अवैध और बेनामी संपत्ति का पता चला है, जिसे जब्त करने की कानूनी प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।
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कुख्यात भू-माफिया गंग दयाल यादव - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बिहार के गोपालगंज जिले में पुलिस ने भू-माफियाओं और जमीन तस्करों के सिंडिकेट को ध्वस्त करने के लिए अब तक की सबसे बड़ी आर्थिक चोट करने की तैयारी पूरी कर ली है। कुख्यात भू-माफिया गंग दयाल यादव द्वारा अवैध रूप से अर्जित की गई 42 करोड़ रुपये से अधिक की बेनामी संपत्ति को जब्त करने की कानूनी प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। इस महाकार्रवाई के दायरे में गंग दयाल के अलावा पांच अन्य रसूखदार भू-माफिया भी शामिल हैं। पुलिस की इस सख्त कार्रवाई से जिले के जमीन तस्करों और अपराधियों में हड़कंप मच गया है।

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ईडी और आर्थिक अपराध इकाई को सौंपी गई रिपोर्ट
गोपालगंज के एसपी विनय तिवारी ने इस ऐतिहासिक कार्रवाई की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि पुलिस की विशेष टीम ने करीब 58 दिनों तक चली सघन और गोपनीय जांच के बाद मुख्य आरोपी गंग दयाल यादव पर मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज किया है।इसके साथ ही, गिरोह की अवैध संपत्तियों को कुर्क करने के लिए एक विस्तृत रिपोर्ट पुलिस मुख्यालय, सक्षम न्यायालय, आर्थिक अपराध इकाई और प्रवर्तन निदेशालय को सौंप दी गई है। जल्द ही इन संपत्तियों को सील करने की जमीनी प्रक्रिया शुरू होगी।

राजनीतिक संरक्षण और पटना तक फैला नेटवर्क
पुलिस जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि गंग दयाल यादव को गहरा राजनीतिक और प्रशासनिक संरक्षण प्राप्त था। इसी रसूख और बाहुबल के दम पर यह गिरोह सीधे-साधे, गरीब और कमजोर लोगों की कीमती जमीनों पर जबरन कब्जा करता था। इस गिरोह का नेटवर्क सिर्फ गोपालगंज तक ही सीमित नहीं था, बल्कि इसके तार राजधानी पटना सहित बिहार के कई अन्य जिलों से भी जुड़े हुए थे। पुलिस ने जांच के दौरान उन सफेदपोशोंऔर मददगारों की भी पहचान कर ली है, जो पर्दे के पीछे से इस सिंडिकेट को पाल रहे थे।
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सभी 11 मामलों में चलेगा स्पीडी ट्रायल
कुख्यात भू-माफिया गंग दयाल यादव बीते 5 अप्रैल से गोपालगंज जेल में सलाखों के पीछे है। नगर थाने में उसके खिलाफ अब तक कुल 11 आपराधिक मामले दर्ज हैं, जिनमें रंगदारी और जानलेवा हमला, धोखाधड़ी और जाली दस्तावेज तैयार करना, सरकारी काम में बाधा डालना और आर्म्स एक्ट शामिल है।एसपी विनय तिवारी ने इन सभी मामलों की विस्तृत समीक्षा के बाद आरोपियों को जल्द से जल्द कानूनन सजा दिलाने के लिए कोर्ट में स्पीडी ट्रायल शुरू करने का आदेश जारी किया है।

जब सरकारी सड़क को उखाड़कर अपनी बता दिया
गंग दयाल के दुस्साहस की कहानी हैरान करने वाली है। उसने हजियापुर रोड में पूर्व सांसद अनिरुद्ध प्रसाद उर्फ साधु यादव के आवास के पास बनी सरकारी पीपीसी सड़क को जेसीबी लगवाकर उखड़वा दिया था। तत्कालीन अंचलाधिकारी से मिलीभगत कर उसने इसे अपनी निजी जमीन साबित करने की रिपोर्ट भी तैयार करवा ली थी। नगर परिषद की शिकायत पर मामला दर्ज होने के बाद उसने शिकायतकर्ता को केस वापस लेने के लिए मजबूर कर दिया। हालांकि, सीजेएम कोर्ट ने इस सुलहनामे को खारिज करते हुए नगर परिषद को कड़ी फटकार लगाई, जिसके बाद आरोपी को पीछे हटना पड़ा।

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मकान कब्जाने के दौरान हुई थी गिरफ्तारी
गंग दयाल की गिरफ्तारी बंजारी इलाके NH-27 में स्वर्गीय सूचित सिंह के पुत्र शैलेंद्र कुमार सिंह के कीमती मकान और जमीन को कब्जा करने के प्रयास के दौरान हुई थी। पीड़ित परिवार पर लगातार दबाव बनाए जाने के बाद, एसपी ने डीएसपी नीरव कुमार के नेतृत्व में विशेष टीम गठित कर 5 अप्रैल को उसे दबोचा था। पुलिस ने साफ किया है कि आम जनता की जमीन और जान-माल की सुरक्षा के लिए यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।

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