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Bihar News: 93 साल पुरानी मिल फिर चलेगी? सासामुसा में प्रशासन की हलचल से किसानों में जगी नई आस

Tue, 24 Feb 2026 07:21 PM IST
सारण ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गोपालगंज

सार

जिले के कुचायकोट प्रखंड स्थित सासामुसा चीनी मिल को फिर से चालू करने की दिशा में प्रशासन ने कदम बढ़ा दिए हैं। डीएम के निर्देश पर सदर एसडीओ अनिल कुमार, बीडीओ सुनील कुमार मिश्रा और सीओ मणि भूषण कुमार ने मिल परिसर का निरीक्षण किया और संभावित हेलीपैड स्थल का चयन किया।
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मौके पर मौजूद अधिकारी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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गोपालगंज जिले के कुचायकोट प्रखंड के सासामुसा में वर्षों से बंद पड़ी सासामुसा चीनी मिल को फिर से शुरू करने को लेकर बड़ी हलचल देखी जा रही है। मंगलवार को डीएम के निर्देश पर अधिकारियों की टीम ने मिल परिसर का निरीक्षण किया। इस कार्रवाई के बाद किसानों और मजदूरों में उम्मीद की किरण जगी है।
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अधिकारियों ने किया मिल परिसर का निरीक्षण

डीएम के निर्देश पर सदर एसडीओ अनिल कुमार, कुचायकोट बीडीओ सुनील कुमार मिश्रा और सीओ मणि भूषण कुमार ने मिल के अलग-अलग हिस्सों का जायजा लिया। अधिकारियों ने संभावित हेलीपैड के लिए जगह भी देखी और जरूरी निर्देश दिए। गुरुवार को निरानी ग्रुप के सीएमडी के प्रस्तावित दौरे को देखते हुए प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं।

1932 से क्षेत्र की पहचान रही है मिल

सासामुसा चीनी मिल की शुरुआत वर्ष 1932 में हुई थी। यह मिल गोपालगंज जिले के उत्तरी और पश्चिमी हिस्से के किसानों की आय का बड़ा सहारा रही है। गंडक नदी के किनारे बसे इलाकों से लेकर पंचदेवरी और कटेया प्रखंड तक बड़ी मात्रा में गन्ने की खेती होती थी। हजारों किसान सीधे और अप्रत्यक्ष रूप से इस मिल से जुड़े थे।
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2015 के बाद बिगड़ी हालत, 2018 में हादसे के बाद बंद

वर्ष 2015 के बाद मिल की आर्थिक हालत खराब होती गई। किसानों का बकाया बढ़ता चला गया। वर्ष 2018 में मिल परिसर में एक दर्दनाक हादसा हुआ, जिसमें नौ मजदूरों की मौत हो गई। इस घटना के बाद मिल का संचालन पूरी तरह बंद हो गया। हालांकि वर्ष 2019 में मिल को करीब दस दिनों के लिए चालू किया गया, लेकिन उसके बाद से अब तक उत्पादन बंद है।

संचालन से बढ़ेंगे रोजगार के अवसर

अब मिल को फिर से शुरू करने की चर्चा से क्षेत्र में नई उम्मीद जगी है। यदि निरानी ग्रुप मिल का अधिग्रहण करता है या संचालन शुरू करता है, तो इससे रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। गन्ना किसानों को भी आर्थिक सहारा मिलेगा। प्रशासन की सक्रियता और प्रस्तावित उच्चस्तरीय निरीक्षण को देखते हुए माना जा रहा है कि जल्द ही इस दिशा में कोई ठोस फैसला लिया जा सकता है। मौके पर जदयू प्रखंड अध्यक्ष मोहम्मद तौहिद सहित कई अन्य लोग भी मौजूद रहे।
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