बिहार सरकार के राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने कर्तव्य के प्रति लापरवाही और विभागीय लक्ष्यों को पूरा करने में विफलता के खिलाफ सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। ताजा मामले में गोपालगंज के सदर सीओ रजत बर्णवाल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। जिलाधिकारी पवन कुमार सिन्हा द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, यह कार्रवाई राजस्व कार्यों में गंभीर कोताही और सरकारी अभियानों के प्रति उदासीनता बरतने के कारण की गई है।
निलंबन के मुख्य कारण
जिला प्रशासन की समीक्षा बैठक के बाद यह स्पष्ट हुआ कि सदर अंचल में राजस्व संग्रह और दस्तावेजों के रखरखाव की स्थिति बेहद चिंताजनक थी। राजस्व महा-अभियान में शिथिलता, बिहार सरकार द्वारा चलाए जा रहे राजस्व महा-अभियान के तहत भूमि संबंधी दस्तावेजों के डिजिटलीकरण और सुधार का कार्य प्राथमिकता पर था, जिसमें सदर सीओ की भूमिका असंतोषजनक पाई गई।
बार-बार चेतावनी के बावजूद नहीं हुआ था सुधार
अंचल क्षेत्र से होने वाली राजस्व की वसूली लक्ष्य से काफी कम रही। बार-बार चेतावनी के बावजूद वसूली की गति में कोई सुधार नहीं देखा गया। महत्वपूर्ण सरकारी दस्तावेजों के संधारण और उनकी प्रोसेसिंग में भारी शिथिलता पाई गई, जिससे आम जनता को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था।
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पूरे बिहार में प्रशासनिक हड़कंप
रजत बर्णवाल के निलंबन के बाद गोपालगंज के अन्य अंचलों में भी हड़कंप मच गया है। जिला प्रशासन ने अन्य अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि वे लंबित राजस्व मामलों का निपटारा शीघ्र करें और 'राजस्व महा-अभियान' को सफल बनाने के लिए गंभीरता से काम करें।