वक्फ बोर्ड पर आए संशोधन बिल का हो रहा विरोध
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इंकलाबी नौजवान सभा (आरवाईए) और इंसाफ मंच के संयुक्त बैनर तले शनिवार को गोपालगंज के खजुरहा, चारमोहानी चौक पर वक्फ संशोधन बिल के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन हुआ। प्रदर्शनकारियों ने इसे सांप्रदायिक और संविधान विरोधी बताते हुए बिल की प्रतियों को जलाया और सरकार से तत्काल इसे वापस लेने की मांग की।
सभा को संबोधित करते हुए आरवाईए के प्रदेश अध्यक्ष जितेंद्र पासवान ने कहा कि वक्फ बोर्ड मुस्लिम समुदाय की धार्मिक-सांस्कृतिक और दान में दी गई जमीनों से जुड़ा मामला है। नए संशोधन से इन संपत्तियों का रजिस्ट्रेशन और विवादों का निपटारा राज्य के प्रतिनिधियों द्वारा किया जाएगा, जो सीधे तौर पर मुस्लिम पहचान और धार्मिक स्वतंत्रता पर हमला है।
भाकपा माले के जिला कमेटी सदस्य व भोरे प्रखंड सचिव सुभाष पटेल ने कहा कि मोदी सरकार लगातार मुस्लिम समुदाय को निशाना बना रही है। उन्होंने सीएए, यूसीसी और अब वक्फ बिल को संविधान के मूल उसूलों के खिलाफ बताया।
किसान नेता लालबहादुर सिंह ने जदयू और टीडीपी जैसी पार्टियों को भाजपा की इस साजिश में भागीदार बताया। उन्होंने कहा कि अंबेडकर के विचारों के अनुसार अल्पसंख्यकों के अधिकार लोकतंत्र की बुनियाद हैं। डोमनपुर पंचायत के मुखिया कमलेश प्रसाद ने कहा कि प्रशासन ने इस प्रदर्शन को रोकने की हर संभव कोशिश की, जो लोकतंत्र की आवाज को कुचलने जैसा है।
इस विरोध में बनकटा पंचायत के पैक्स अध्यक्ष राघव प्रसाद उर्फ बड़ाबाबू, धर्मेंद्र चौहान, इमरान, सरताज, दीपक चौहान, पैक्स अध्यक्ष गुफरान, अर्जुन सिंह और टिंकू पटेल सहित सैकड़ों लोग शामिल थे। सभी ने एक सुर में कहा कि बिल की वापसी तक संघर्ष जारी रहेगा।