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Bihar News: कार्य योजना को लेकर मनरेगा कार्यालय में बवाल, पीओ और मुखिया पति के बीच झड़प; FIR दर्ज

Fri, 10 Jan 2025 09:00 PM IST
हिमांशु प्रियदर्शी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गोपालगंज

सार

Gopalganj News: भोरे के बीडीओ दिनेश कुमार सिंह ने इस घटना को निंदनीय बताया। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों और सरकारी कर्मियों के बीच आपसी समन्वय होना चाहिए। उन्होंने कहा कि मामला पुलिस के पास है और जांच के बाद उचित कार्रवाई की जाएगी।
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दोनों पक्षों ने थाने में दर्ज करवाई प्राथमिकी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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गोपालगंज जिले के भोरे प्रखंड स्थित मनरेगा कार्यालय में उस समय हंगामा हो गया, जब कार्य योजना को लेकर कार्यक्रम पदाधिकारी (पीओ) राजीव रंजन और चकरवां खास पंचायत के मुखिया पति विजय तिवारी के बीच झड़प हो गई। इस घटना में दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पीओ ने मुखिया पति और अन्य पर मारपीट का आरोप लगाया, जबकि मुखिया ने पीओ पर कमीशन मांगने और बदसलूकी का आरोप लगाया है।

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कार्यालय में घुसकर मारपीट और धमकी देने का आरोप
कार्यक्रम पदाधिकारी राजीव रंजन ने भोरे थाने में दिए अपने आवेदन में कहा है कि जब वह कार्यालय में कार्य निपटा रहे थे। तभी मुखिया पति विजय तिवारी और राकेश सिंह समेत पांच-छह लोग वहां आए। उन्होंने कार्यालय में घुसते ही गाली-गलौज और हाथापाई शुरू कर दी। पीओ का दावा है कि सरकारी कार्य में व्यवधान डालते हुए आरोपियों ने टेबल पर रखे कागजात और सामान फेंक दिए।

इस दौरान कार्यालय में मौजूद लेखपाल ललन कुमार, पंचायत रोजगार सेवक आफताब आलम और प्रमोद कुमार को भी बाहर निकाल दिया गया। पीओ ने यह भी आरोप लगाया कि मुखिया पति ने उन्हें जान से मारने की धमकी दी।
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पीओ पर कमीशन मांगने का आरोप
दूसरी ओर, चकरवां खास पंचायत की मुखिया अर्पिता देवी ने आरोप लगाया है कि पीओ राजीव रंजन ने योजना में कमीशन की मांग की। उन्होंने कहा कि एक ही योजना में तीन बार पैसे मांगे गए, जिसे लेकर उन्होंने आपत्ति जताई। अर्पिता देवी का आरोप है कि विरोध करने पर पीओ ने उनके साथ गाली-गलौज और मारपीट की। मुखिया का यह भी कहना है कि पीओ ने उन्हें कार्यालय में बंद कर धमकाने का प्रयास किया और उनके पति को झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी दी। घटना के समय भोरे पंचायत के मुखिया पति अर्जुन सिंह भी वहां मौजूद थे।
 
घटना के बाद दोनों पक्षों ने दर्ज कराई प्राथमिकी
इस घटना के बाद, दोनों पक्षों ने स्थानीय थाने में प्राथमिकी दर्ज कराने के लिए आवेदन दिए। मुखिया संघ के अध्यक्ष मोहन सिंह के नेतृत्व में प्रखंड के अन्य मुखिया भी थाने पहुंचे और महिला मुखिया के साथ न्याय की मांग की।
 
वहीं, भोरे के बीडीओ दिनेश कुमार सिंह ने इस घटना को निंदनीय बताया। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों और सरकारी कर्मियों के बीच आपसी समन्वय होना चाहिए। उन्होंने कहा कि मामला पुलिस के पास है और जांच के बाद उचित कार्रवाई की जाएगी।
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जनप्रतिनिधियों और प्रशासन के बीच तनाव बढ़ा
इस घटना ने जनप्रतिनिधियों और प्रशासन के बीच तनाव को उजागर कर दिया है। मुखिया संघ ने चेतावनी दी है कि अगर दोषियों पर कार्रवाई नहीं की गई, तो वे आंदोलन करेंगे। वहीं, पीओ और कार्यालय कर्मी अपनी सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं। इधर, पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और दोनों पक्षों से पूछताछ की जा रही है।

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