गोपालगंज जिले के कुचायकोट प्रखंड क्षेत्र में स्थित सासामुसा चीनी मिल गेट पर जारी आंदोलन के चौथे दिन बुधवार को बड़ी संख्या में महिला किसान धरना स्थल पर पहुंचीं। महिलाओं की सक्रिय मौजूदगी से आंदोलन में नई ऊर्जा देखने को मिली।
आंदोलन को मिली मजबूती
महिला किसानों की भागीदारी से किसानों और मिलकर्मियों के इस संघर्ष को और मजबूती मिली। आंदोलन में शामिल लोगों का कहना है कि महिलाओं की सहभागिता ने धरना-प्रदर्शन को व्यापक समर्थन और सामाजिक मजबूती प्रदान की है।
जन सुराज नेता ने दिया समर्थन
इससे पहले जन सुराज के पूर्व प्रत्याशी विजय कुमार चौबे अपने सहयोगियों के साथ धरना स्थल पर पहुंचे। उन्होंने आंदोलनरत किसानों और मिलकर्मियों को पूर्ण समर्थन का भरोसा दिलाया और सासामुसा चीनी मिल को क्षेत्र की आर्थिक रीढ़ बताया।
मिल के पुनः संचालन पर जोर
विजय कुमार चौबे ने कहा कि सासामुसा चीनी मिल के पुनः संचालन से न केवल गन्ना किसानों को लाभ होगा, बल्कि सैकड़ों मजदूरों और उनके परिवारों का जीवन भी फिर से पटरी पर आएगा। उन्होंने मिल को दोबारा चालू करने की मांग को जायज ठहराया।
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स्क्रैप नीलामी के विरोध में आंदोलन
उल्लेखनीय है कि सासामुसा चीनी मिल पिछले सात वर्षों से बंद पड़ी है। मिल के स्क्रैप की नीलामी की सूचना मिलने के बाद किसान और मिलकर्मी आंदोलनरत हैं। बीते 14 दिसंबर से मिल गेट पर लगातार धरना-प्रदर्शन जारी है।
महिला किसानों की पीड़ा
धरना स्थल पर पहुंची महिला किसानों ने बताया कि मिल बंद होने से उनके परिवारों को गंभीर आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है। जिन परिवारों के सदस्य मिल में कार्यरत थे, उनकी स्थिति बेहद दयनीय हो गई है। साथ ही गन्ना किसानों को भी अपनी उपज बेचने में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। धरना कार्यक्रम में आशा देवी, कुंती देवी, रिंकु देवी, मो. तौहीद, सत्येंद्र बैठा, नियाज अहमद सहित बड़ी संख्या में किसान, महिला किसान और मिलकर्मी उपस्थित रहे।