गोपालगंज जिले के भोरे थाना क्षेत्र के कल्याणपुर टोला नारायणपुर में हुए हिमांशु हत्याकांड ने पूरे गांव को झकझोर कर रख दिया है। अपने ही बेटे का गला रेतने वाले आरोपी पिता अरविंद कुमार सिंह को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। हिमांशु के चाचा दुर्गेश कुमार सिंह के बयान पर आरोपी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई।
घटना के बाद से गांव में मातम पसरा हुआ है और परिवार के लोगों का रो-रो कर बुरा हाल है। शव का पोस्टमार्टम देर रात कराया गया और पुलिस की निगरानी में गांव के बाहर खेत में उसे दफना दिया गया। लेकिन इस जघन्य हत्या के पीछे की असली वजह क्या थी? गांव के लोग अब भी यही सवाल कर रहे हैं कि आखिर पिता ने अपने ही बेटे को मौत के घाट क्यों उतार दिया?
स्कूल से बुलाकर दी मासूम बेटे को मौत
जानकारी के मुताबिक, मृतक हिमांशु कुमार (12) गांव के सरकारी स्कूल में पढ़ाई कर रहा था। शुक्रवार दोपहर उसका पिता अरविंद कुमार सिंह स्कूल पहुंचा और बहाने से बेटे को घर ले आया। उसके साथ उसकी छोटी बहन भी आई थी। घर पहुंचते ही अरविंद ने बेटी को कुछ पैसे देकर बाहर भेज दिया और बेटे को कमरे में ले जाकर गला रेतकर उसकी हत्या कर दी। हत्या के बाद वह शव को एक बोरे में भरकर बाहर आंगन में बैठ गया। जब गांव के लोगों को शक हुआ तो उन्होंने पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने घर की तलाशी ली और बोरे से मासूम का शव बरामद कर लिया। इसके बाद पुलिस ने पिता अरविंद को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस निगरानी में हुआ अंतिम संस्कार
पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए गोपालगंज सदर अस्पताल भेज दिया। देर रात पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी की गई और शव को वापस गांव लाया गया। गांव में गुस्से और आक्रोश को देखते हुए पुलिस की कड़ी निगरानी में शव को खेत में दफना दिया गया। सुबह जब गांववालों को पता चला कि हिमांशु का अंतिम संस्कार रात में ही कर दिया गया है, तो लोग आक्रोशित हो गए और घर के बाहर भीड़ जमा हो गई।
जेल में बंद पिता के चेहरे पर नहीं दिखा पछतावा
इस मामले में मृतक के चाचा दुर्गेश कुमार सिंह ने प्राथमिकी दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि शुक्रवार को वह अपनी पत्नी और भाभी मुन्नी देवी के साथ इलाज के लिए उत्तर प्रदेश के देवरिया गए थे। घर लौटने के दौरान उन्हें सूचना मिली कि अरविंद अपने इकलौते बेटे हिमांशु को बेरहमी से पीट रहा है। जब वह दोपहर करीब दो बजे घर पहुंचे तो उन्होंने जो देखा, उससे उनकी रूह कांप उठी। अरविंद सिंह अपने बेटे का सिर धड़ से अलग कर चुका था और वहीं चुपचाप बैठा था। इसके बाद परिवारवालों ने पुलिस को सूचना दी और अरविंद को गिरफ्तार कर लिया गया। हैरान करने वाली बात यह है कि पुलिस हिरासत में और जेल जाते वक्त भी अरविंद के चेहरे पर कोई पछतावे के निशान नहीं दिखे।
‘जल्द होगी चार्जशीट, स्पीडी ट्रायल से मिलेगी कड़ी सजा’
इस हत्याकांड को लेकर हथुआ एसडीपीओ आनंद मोहन गुप्ता ने कहा कि पुलिस जांच जारी है। प्रारंभिक जांच में पारिवारिक कलह को हत्या की वजह बताया जा रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि मामले में जल्द चार्जशीट दायर कर स्पीडी ट्रायल चलाया जाएगा, ताकि आरोपी को कड़ी सजा मिल सके।
लोग अब भी सदमे में
इस हत्याकांड से पूरे गांव में दहशत और मातम का माहौल है। लोग अब भी यकीन नहीं कर पा रहे कि एक पिता अपने ही बेटे की इतनी निर्मम हत्या कर सकता है। आखिर ऐसा क्या हुआ कि अरविंद ने अपने जिगर के टुकड़े को मौत के घाट उतार दिया? क्या वाकई पारिवारिक विवाद ही इसकी वजह थी, या इसके पीछे कोई और राज छिपा है? पुलिस हर पहलू से मामले की जांच कर रही है।