डीएम पवन कुमार सिन्हा के नाम से ठगी की कोशिशें तेज
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गोपालगंज जिले से साइबर अपराध का एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां वर्तमान जिलाधिकारी पवन कुमार सिन्हा के नाम और तस्वीर का दुरुपयोग कर एक फर्जी सोशल मीडिया प्रोफाइल तैयार किया गया है। इस अकाउंट के जरिए नागरिकों और अधिकारियों को झांसा देकर वित्तीय ठगी करने की कोशिश की जा रही है। मामले की जानकारी मिलते ही जिला प्रशासन और पुलिस विभाग ने त्वरित कार्रवाई शुरू कर दी है।
फर्जी फेसबुक अकाउंट के जरिए बनाया जा रहा निशाना
जानकारी के अनुसार, साइबर अपराधियों ने डीएम पवन कुमार सिन्हा की आधिकारिक फोटो का उपयोग कर एक ऐसा फेसबुक अकाउंट बनाया है, जो देखने में पूरी तरह असली प्रतीत होता है। इस अकाउंट के माध्यम से लोगों को संदेश भेजकर विभिन्न बहानों से पैसे मांगने की कोशिश की जा रही है। आमतौर पर ऐसे मामलों में खुद को आपात स्थिति में बताकर गिफ्ट कार्ड या यूपीआई ट्रांसफर की मांग की जाती है।
डीएम ने जारी की सार्वजनिक चेतावनी
जैसे ही यह मामला जिलाधिकारी पवन कुमार सिन्हा के संज्ञान में आया, उन्होंने तुरंत जिलेवासियों के लिए सार्वजनिक चेतावनी जारी की। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह सोशल मीडिया अकाउंट पूरी तरह फर्जी है और उनका इससे कोई संबंध नहीं है। साथ ही लोगों से अपील की गई है कि किसी भी संदिग्ध मैसेज का जवाब न दें और न ही किसी अज्ञात लिंक पर क्लिक करें।
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साइबर पुलिस ने शुरू की जांच प्रक्रिया
जिला प्रशासन द्वारा इस डिजिटल जालसाजी की सूचना साइबर सेल और स्थानीय पुलिस को दे दी गई है। पुलिस ने मामले की गहन जांच शुरू कर दी है। आईटी विशेषज्ञों की मदद से उस आईपी एड्रेस और लोकेशन को ट्रैक करने का प्रयास किया जा रहा है, जहां से यह फर्जी अकाउंट संचालित हो रहा है। पुलिस का कहना है कि ऐसे मामलों में गिरोह कई बार दूसरे राज्यों से सक्रिय रहते हैं, लेकिन तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर उनकी पहचान और गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं।
प्रशासन ने की यह अपील
प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी हाई-प्रोफाइल व्यक्ति के नाम से आने वाले संदेशों की सत्यता की जांच अवश्य करें। व्यक्तिगत जानकारी या बैंक संबंधी विवरण सोशल मीडिया पर साझा करने से बचें। यदि किसी को इस तरह की ठगी का सामना करना पड़े, तो तुरंत संबंधित पोर्टल या हेल्पलाइन के माध्यम से शिकायत दर्ज कराएं। साथ ही इस जानकारी को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने की अपील की गई है, ताकि कोई भी व्यक्ति ठगी का शिकार न हो।