फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Bihar: रिश्वत देने के बाद भी नहीं मिला जीविका का 10 हजार रुपए का लाभ, दर्जनों महिलाओं ने लगाए गंभीर आरोप

Thu, 11 Dec 2025 04:28 PM IST
सारण ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, छपरा

सार

छपरा के मढ़ौरा में दर्जनों महिलाओं ने विरोध प्रदर्शन करते हुए आरोप लगाया कि जीविका समूह की दीदियों ने ऑनलाइन फॉर्म भरने और समूह में नाम जोड़ने के नाम पर उनसे 500-500 रुपए लिए, लेकिन मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत मिलने वाले 10 हजार रुपए अब तक नहीं दिए गए।
विज्ञापन
कार्यालय नगर पंचायत - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

बिहार की महिलाओं के समर्थन से राज्य में नई सरकार का गठन तो हो गया है, लेकिन अब भी कई महिलाएं ऐसी हैं जिन्हें रिश्वत देने के बावजूद मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना का लाभ नहीं मिला है। इसका विरोध करते हुए दर्जनों महिलाएं मढ़ौरा नगर पंचायत और प्रखंड मुख्यालय पहुंचीं और योजना में हो रही अनियमितताओं पर कड़ा ऐतराज़ जताया।
विज्ञापन


महिलाओं ने बताया कि ऑनलाइन फॉर्म भरवाने और समूह में नाम जोड़ने के नाम पर उनसे पांच-पांच सौ रुपए बतौर रिश्वत लिए गए। कई महिलाओं को 10 हजार रुपए की राशि मिल चुकी है, लेकिन बड़ी संख्या में महिलाएं अब भी लाभ से वंचित हैं, जबकि पैसा पहले ही ले लिया गया था। महिलाओं ने आरोप लगाया कि समूह चलाने वाली जीविका दीदी ने उनसे पैसा तो वसूल लिया, लेकिन पूछने पर “आज-कल” कहकर टाल दिया जाता है।

प्रखंड कार्यालय पहुंचीं महिलाओं ने जीविका कार्यालय ढूंढा, लेकिन कार्यालय न मिलने पर वे अन्य संबंधित कार्यालयों में शिकायत दर्ज कराने चली गईं। पीड़ित महिलाओं में इस बात को लेकर गहरी नाराज़गी है कि उनसे लाभ देने का आश्वासन लेकर रूपया ले लिया गया, लेकिन योजना की राशि अब तक नहीं मिली।
विज्ञापन



पढ़ें: 10वीं बार CM बनने के बाद नीतीश कुमार का पहला चंपारण दौरा, योजनाओं को लेकर किया निरीक्षण


इस मामले पर समूह संचालक जीविका दीदी अंजू कुमारी का कहना है कि महिलाओं द्वारा जमा की गई राशि समूह में जमा कराई गई है। इसके बावजूद बड़ा सवाल यह है कि जब महिलाएं समूह की सदस्य हैं, तो उन्हें योजना का लाभ अब तक क्यों नहीं मिला—इसका जवाब न तो किसी अधिकारी के पास है, न ही जीविका समूह की दीदियों के पास।


गौरतलब है कि मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत प्रत्येक परिवार की एक महिला को उसकी पसंद के रोजगार की शुरुआत के लिए पहली किस्त के रूप में 10 हजार रुपए दिए जाने थे। आगे चलकर रोजगार विस्तार के लिए दो लाख रुपए तक की राशि देने का भी प्रावधान है।
विज्ञापन


इस योजना में प्रत्येक परिवार की एक महिला सदस्य को लाभार्थी बनाया गया है। ऐसे अविवाहित वयस्क महिलाएं जिनके माता-पिता जीवित नहीं हैं, उन्हें भी योजना में पात्र माना गया है। शहरी क्षेत्रों में स्वयं सहायता समूह से जुड़ी एक महिला सदस्य को भी लाभ दिया जाना था। जो महिलाएं समूह से जुड़ी नहीं थीं, उन्हें पहले समूह से जोड़ने और फिर जीविका की वेबसाइट पर ऑनलाइन आवेदन अपलोड करने की प्रक्रिया निर्धारित की गई थी।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें