सिवान जिले के सफाई कर्मी, आशा, रसोइया, आंगनबाड़ी सेविका सहित विभिन्न स्कीम वर्करों ने सोमवार को अपनी मांगों को लेकर आक्रोश मार्च निकाला। यह मार्च अंबेडकर पार्क से शुरू होकर शहर के विभिन्न मार्गों से होते हुए समाहरणालय पहुंचा, जहां प्रदर्शनकारियों ने जिलाधिकारी के समक्ष धरना दिया और एक ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शन का नेतृत्व सफाई मजदूर यूनियन के राज्य सचिव अमित कुमार, आशा संघ की जिला अध्यक्ष मालती राम, ऐपवा की राज्य अध्यक्ष सोहिला गुप्ता, कुँती यादव और मनरेगा मजदूरों के नेता प्रदीप कुशवाहा ने किया।
सरकार नजरअंदाज कर रही है
अमित कुमार ने कहा कि समाज के स्वच्छता और जन स्वास्थ्य में स्कीम वर्करों का अहम योगदान है, लेकिन इसके बदले उन्हें न तो सम्मान मिल रहा है और न ही समुचित वेतन और सुविधाएं। उन्होंने आरोप लगाया कि सफाई कर्मी सुबह 4 बजे से पूरे शहर की गंदगी उठाते हैं, लेकिन सरकार उन्हें नजरअंदाज कर रही है। उन्होंने यह भी कहा कि पिछली हड़ताल के बाद सरकार ने वादा किया था कि दैनिक एवं संविदा कर्मियों को स्थायी किया जाएगा, लेकिन अब तक इस पर कोई निर्णय नहीं लिया गया। उन्होंने ठेका प्रथा को श्रमिकों के अधिकारों का हनन बताया और कहा कि न उन्हें चिकित्सा सुविधा मिल रही है, न न्यूनतम वेतन। यदि जल्द स्थायीकरण नहीं किया गया तो पूरे बिहार में हड़ताल की घोषणा की जाएगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार की होगी।
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आशा कार्यकर्ताओं को छह महीने से नहीं मिला वेतन
आशा संघ की जिलाध्यक्ष मालती राम ने कहा कि 2023 में आशा और आशा फैसिलिटेटरों के लिए सरकार के साथ जो समझौता हुआ था, वह अब तक लागू नहीं किया गया है। उन्होंने बताया कि पिछले छह माह से आशा कार्यकर्ताओं को वेतन नहीं मिला है, जिससे उनके समक्ष आर्थिक संकट उत्पन्न हो गया है।
महिला वर्करों का हो रहा शोषण
एपवा की राज्य अध्यक्ष सोहिला गुप्ता ने कहा कि राज्य सरकार महिलाओं के श्रम का शोषण कर रही है। उन्होंने कहा कि रसोइया, आशा, आंगनबाड़ी और जीविका दीदियों में अधिकांश महिलाएं ईमानदारी से कार्य कर रही हैं, लेकिन सरकार उनसे 1000 से 1500 रुपये मासिक वेतन पर काम करवा रही है। उन्होंने कहा कि वित्त विभाग की गाइडलाइन के अनुसार न्यूनतम मजदूरी 400 रुपये प्रतिदिन निर्धारित है, फिर भी स्कीम वर्करों को इससे काफी कम मानदेय दिया जा रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द से जल्द स्कीम वर्करों की मांगों पर कार्रवाई नहीं की तो 9 जुलाई से सभी स्कीम वर्कर राज्यव्यापी हड़ताल पर चले जाएंगे।
ज्ञापन सौंपा, मांगे मानी जाएं - स्कीम वर्करों की अपील
प्रदर्शन के बाद एक प्रतिनिधिमंडल ने एडीएम से मिलकर मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शन में प्रदीप कुशवाहा, कल्लू बसफॉर, सनी रावत, संजय रावत, सत्रुधन बसफॉर, ओम राज, कुँती यादव, रानी देवी, ज्योति देवी, गुड़िया देवी, गीता देवी, फूल कुमारी देवी समेत बड़ी संख्या में स्कीम वर्कर शामिल हुए।