फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Bihar News: जम्मू कश्मीर में भारत-पाक सीमा पर बिहार के लाल मनीष कुमार तिवारी शहीद, गांव में पसरा मातम

Mon, 16 Dec 2024 07:00 PM IST
हिमांशु प्रियदर्शी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गोपालगंज

सार

Gopalganj News: जम्मू कश्मीर में भारत-पाक सीमा पर गोपालगंज के लाल मनीष कुमार तिवारी शहीद हो गए। यह खबर मिलते ही उनके परिवार में कोहराम मच गया। वहीं, गांव के लोग भी परिवार से संवेदना जताने को उनके घर जुटने लगे।
विज्ञापन
शहीद मनीष कुमार तिवारी (फाइल) तथा उनके परिजनों से संवेदना जताने पहुंचे लोग - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

भारत-पाक सीमा पर जम्मू कश्मीर के राजौरी में सोमवार की अहले सुबह आतंकवादी हमले में गोपालगंज जिले के भोरे थाना क्षेत्र के तिवारी चफवा गांव निवासी मनीष कुमार तिवारी शहीद हो गए। मनीष की शहादत की खबर मिलते ही उनके पैतृक गांव शोक में डूब गया और उनके परिवार में गहरा दुख छा गया। दोपहर से ही शहीद के परिजनों को सांत्वना देने के लिए गांव में लोगों का तांता लग गया।

विज्ञापन

 
घात लगाए आतंकवादियों ने किया था हमला
जानकारी के मुताबिक, मनीष कुमार तिवारी भारतीय सेना के एयर डिफेंस यूनिट में हवलदार के पद पर तैनात थे। वह जम्मू कश्मीर के राजौरी में भारत-पाक सीमा पर ड्यूटी दे रहे थे। सोमवार की सुबह जब मनीष अपनी ड्यूटी पूरी कर यूनिट की तरफ लौट रहे थे, तभी घात लगाए आतंकवादियों ने उन पर हमला किया। इस हमले में मनीष कुमार तिवारी शहीद हो गए।
 
पार्थिव शरीर की वापसी की तैयारी
मनीष की शहादत की सूचना सोमवार को करीब 12:00 बजे एयर डिफेंस यूनिट के जेए द्वारा उनके पिता मार्कंडेय तिवारी को दी गई। सूचना मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। शहीद के शव को सैनिक सम्मान के साथ उनके घर पहुंचाने की तैयारी की जा रही है। पार्थिव शरीर मंगलवार देर शाम तक घर पहुंचने की संभावना जताई जा रही है।
विज्ञापन



 
गांव में शोक का माहौल
शहीद की मौत की खबर से पूरे गांव में शोक का माहौल है। स्वजनों के पास संवेदना व्यक्त करने के लिए लोग निरंतर पहुंच रहे हैं। शहीद की पत्नी और परिवार की अन्य महिलाएं रो-रो कर बेसुध हो गई हैं। गांव के लोग परिवार के साथ खड़े हैं।
 
सेना में की 13 वर्षों की सेवा
मनीष कुमार तिवारी ने करीब 13 साल पहले सेना के एयर डिफेंस यूनिट में अपनी सेवा शुरू की थी। उनकी तैनाती के दौरान वह कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में देश सेवा में लगे रहे। पिछले पांच महीनों से उनकी यूनिट को ग्वालियर से स्थानांतरित कर जम्मू कश्मीर के राजौरी में तैनात किया गया था। उनके पिता मार्कंडेय तिवारी भी भारतीय सेना के एयर डिफेंस यूनिट में तैनात रह चुके हैं और सेवानिवृत्त होने के बाद अपने गांव में खेती-बाड़ी का काम करते हैं।
विज्ञापन

 
प्रशासन और जन प्रतिनिधियों ने दी सांत्वना
घटना के बाद, भोरे प्रखंड प्रमुख राजेश राम, बीडीओ दिनेश कुमार सिंह और बीडीसी केशव समेत अन्य जन प्रतिनिधियों ने शहीद के परिवार से मिलकर सांत्वना दी। प्रशासन द्वारा हर संभव मदद की पेशकश की गई है।

और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें