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Bihar : बिहार के जवान सीमा पर हुए शहीद, छोटू शर्मा की तीन महीने पहले हुई थी शादी; गांव में पसरा मातम

Sun, 31 Aug 2025 09:37 PM IST
कृष्ण बल्लभ नारायण न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, सारण

सार

Bihar : पाकिस्तानी सेना से मुकाबला करते हुए बिहार का एक सपूत देश के नाम कुर्बान हो गया। वीरगति को प्राप्त जवान छोटू शर्मा ने मातृभूमि की रक्षा में अपने प्राण का सर्वोच्च बलिदान दिया और शहीदों की अमर गाथा में अपना नाम दर्ज करा लिया। 
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शहीद छोटू शर्मा। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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देशभक्ति और बलिदान की भूमि बिहार ने एक बार फिर अपने एक बेटे को खो दिया है। सारण जिले के दरियापुर प्रखंड अंतर्गत बेला पंचायत के शर्मा टोला निवासी छोटू शर्मा जम्मू- कश्मीर की सीमा पर देश की रक्षा करते हुए अपने प्राणों की आहुति दे दी। पाकिस्तानी सेना से हुई मुठभेड़ में गोली लगने से उनका निधन हुआ है। वीरगति को प्राप्त जवान छोटू शर्मा ने मातृभूमि की रक्षा में अपने प्राणों का सर्वोच्च बलिदान दिया और शहीदों की अमर गाथा में अपना नाम दर्ज करा लिया है। सबसे मार्मिक पहलू यह है कि छोटू शर्मा की शादी अभी तीन महीने पहले ही बड़े धूमधाम से हुई थी, जिसको लेकर पूरा गांव उनके घर- आंगन में गूंजी शहनाई की मिठास को याद कर आंखों से आंसू छलका रहे है। नवविवाहिता पत्नी की गोद सुनी हो गई और बूढ़े मां- बाप का सहारा छिन गया है। शहीद होने की सूचना मिलते ही गांव और पंचायत सहित पूरे क्षेत्र में मातम का माहौल है।

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परिजनों के अनुसार छोटू शर्मा के शहीद होने की खबर जैसे ही पैतृक गांव पहुंची, गांव में मातम छा गया। लोग गमगीन हैं लेकिन साथ ही गर्व भी महसूस कर रहे हैं कि उनके गांव का बेटा देश की रक्षा करते हुए शहीद हुआ है। पड़ोसी और रिश्तेदार सहित ग्रामीण महिलाएं रो-रो कर बेहोश हो जा रही हैं, वहीं आंसू छलकाते हुए यह भी कहा जा रहा है कि हमारा बेटा देश की शान बन गया है। उसका बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा।
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परिजनों ने बताया कि छोटू के पिता स्वर्गीय रमेश शर्मा का निधन पहले ही हो चुका है। चार भाइयों में तीसरे नंबर के छोटू ने भारतीय सेना में शामिल होकर देश की रक्षा का जिम्मा उठाया था। अपने कर्तव्य के दौरान उन्होंने अदम्य साहस का परिचय देते हुए देश की सीमाओं की रक्षा में सर्वोच्च बलिदान दिया। शहीद होने की खबर मिलते ही छोटू के परिवार में चीख- पुकार मच गई और परिजनों का रो- रोकर बुरा हाल हो रहा है। वहीं ग्रामीण छोटू के साहस और बलिदान पर गर्व महसूस कर रहे हैं। स्थानीय प्रशासन और सेना के अधिकारी परिवार के लगातार संपर्क बनाए हुए हैं।

मालूम हो कि जम्मू- कश्मीर में पिछले कई दिनों से पाकिस्तान की ओर से लगातार गोलाबारी और घुसपैठ की कोशिशें बढ़ गई थीं। इसी क्रम में सीमा पर हुई मुठभेड़ में छोटू शर्मा पाकिस्तानी सेना की गोली का शिकार हो गए। उन्होंने अदम्य साहस का परिचय देते हुए दुश्मनों को मुंहतोड़ जवाब दिया, लेकिन दुर्भाग्यवश गोलियों की बौछार में गंभीर रूप से घायल हो गए और देश की सेवा करते-करते शहीद हो गए। बेला पंचायत और आस- पास के गांवों से लोग शहीद के घर पर पहुंच रहे हैं। कोई ढांढस बंधा रहा है तो कोई शोक में डूबा है। युवाओं में शहीद छोटू शर्मा की वीरता को लेकर खास चर्चा है। लोग कह रहे हैं कि उनकी कुर्बानी से नई पीढ़ी को प्रेरणा मिलेगी। शहीद के अंतिम संस्कार की तैयारी को लेकर प्रशासनिक अधिकारी सक्रिय हैं। सारण के जिलाधिकारी अमन समीर और वरीय पुलिस अधीक्षक डॉ कुमार आशीष ने निर्देश जारी किए हैं कि शहीद का अंतिम संस्कार पूरे राजकीय सम्मान के साथ किया जाए। 

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