महाकुंभ में मौनी अमावस्या के दिन मची भगदड़ में गोपालगंज जिले में भोरे थाना क्षेत्र के रामनगर की दो महिलाओं की मौत हो गई थी। घटना की जानकारी प्रशासन द्वारा पहले परिजनों को दी गई। बाद में एंबुलेंस से दोनों महिलाओं के शव को भेजा गया।
शव पहुंचते ही पूरे गांव में मातमी सन्नाटा पसर गया, तो वहीं दूसरी तरफ परिजनों के रोने चिल्लाने से पूरा माहौल गमगीन हो गया। रामनगर गांव में भारी भीड़ उमड़ पड़ी थी तो वहीं दूसरी तरफ भोरे के बीडीओ और सीओ रामनगर पहुंचकर मृतक के परिजनों से मुलाकात किया और आवश्यक कागजी कार्रवाई पूरी की।
बता दें कि भोरे प्रखंड के रामनगर गांव से 35 लोग प्रयागराज में मौनी अमावस्या पर स्नान करने गए थे, जिसमें रामनगर निवासी स्वर्गीय भुटेली साह की पत्नी सरस्वती देवी अपने पोते दीपू कुमार के साथ और तारा देवी अपने पति धुरेंद्र साह और बेटे धनंजय गोंड के साथ गए थे। सभी लोग रामनगर मठ के महंत हेमकांत शरण देवाचार्य के द्वारा लगाए गए शरण स्थली में रुके हुए थे। मौनी अमावस्या के दिन एक साथ सभी लोग संगम नोज पर जाने के लिए निकले। इसी दौरान रास्ते में ही भगदड़ मच गई, जिसमें सभी लोग एक दूसरे से बिछड़ गए। भगदड़ शांत होने के बाद दीपू कुमार और धनंजय को तारा देवी तथा सरस्वती देवी का शव मिला।
प्रयागराज में हुए हादसे में भोरे के रामनगर की दोनों महिलाओं का शव गुरुवार को भोरे भेजा गया। दो एंबुलेंस में तीन शव लाए गए थे, जिसमें यूपी प्रशासन और पुलिस दोनों साथ आई थी। तीनों शवों को भोरे थाना लाया गया, जिसमें से एक शव उचकागांव थाना क्षेत्र के बलेसरा का दिवंगत बच्चा दुबे की पत्नी सुशीला देवी 65 वर्ष का था। जहां पुलिस द्वारा बॉडी को रिसीव किया गया। इसके बाद परिजनों के हवाले कर दिया गया। जो आवश्यक कार्रवाई थी, वह भी पूरी की गई।