राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष विजया किशोर रहाटकर के इस्तीफे की मांग को लेकर ऑल इंडिया प्रोग्रेसिव वुमेन्स एसोसिएशन (ऐपवा) ने गुरुवार को गोपालगंज जिले के भोरे में प्रतिवाद मार्च निकाला। मार्च के बाद भोरे चौराहे पर आयोजित सभा में महिला सुरक्षा और न्याय प्रणाली को लेकर कई गंभीर सवाल उठाए गए।
सभा को संबोधित करते हुए ऐपवा की राज्य अध्यक्ष सोहिला गुप्ता ने कहा कि बिहार में महिलाओं के खिलाफ अत्याचार की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं, लेकिन सरकार और प्रशासन इस पर रोक लगाने में विफल साबित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि गोपालगंज जिले के राजापट्टी, कोईनी, बखरौर, सासामुसा और जानकीनगर समेत कई इलाकों में हाल के दिनों में बलात्कार और हत्या की घटनाएं सामने आई हैं, लेकिन राष्ट्रीय महिला आयोग ने अब तक कोई सक्रिय पहल नहीं की है।
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उन्होंने मांग की कि राष्ट्रीय महिला आयोग की वर्तमान अध्यक्ष तत्काल इस्तीफा दें या फिर उन्हें पद से हटाया जाए। साथ ही उन्होंने आयोग की स्वायत्तता और लोकतांत्रिक भूमिका सुनिश्चित किए जाने की भी अपील की।
सभा में वक्ताओं ने यह भी कहा कि राष्ट्रीय महिला आयोग को देश भर के महिला संगठनों के साथ बैठक कर वर्तमान हालात पर विमर्श करना चाहिए। साथ ही राज्य महिला आयोग को भी नियमित रूप से महिला संगठनों के साथ संवाद करना चाहिए और उनके सुझावों के आधार पर कार्ययोजना बनानी चाहिए। वक्ताओं ने यह भी मांग की कि जिन राज्यों में महिला आयोग के अध्यक्ष का पद रिक्त है, वहां सरकार महिला संगठनों से विचार-विमर्श कर शीघ्र नियुक्ति करे।
सभा को सीता पाल, रामावती देवी, सरोज देवी, प्रभावती देवी, प्रियंका देवी और ज्ञानमती देवी सहित कई महिला नेताओं ने संबोधित किया। सभी वक्ताओं ने महिला आयोग की निष्क्रियता पर चिंता जताते हुए महिलाओं की सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की।