असम के तिनसुकिया जिले के मारग्रेटा स्थित एक ईंट-भट्ठे की चिमनी में मजदूरी करने गए सारण जिले के इसुआपुर प्रखंड के रामपुर अटौली निवासी मुद्रिका महतो की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। गुरुवार को शव गांव पहुंचते ही माहौल गमगीन हो गया। मृतक की मौत को लेकर ग्रामीणों में शोक के साथ आक्रोश भी दिखा।
तरैया विधानसभा क्षेत्र के पूर्व प्रत्याशी सह राजद नेता शैलेंद्र प्रताप सिंह ने पीड़ित परिवार से मिलने के लिए चार सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल भेजा। प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व राजवंशी महतो ने किया, जबकि जयप्रकाश महतो, रामलखन महतो और अजय महतो शामिल रहे। प्रतिनिधिमंडल ने परिजनों को सांत्वना दी और बिहार व असम सरकार से निष्पक्ष जांच की मांग की। साथ ही ईंट-भट्ठा मालिक से मुआवजा दिलाने का आश्वासन भी दिया। ग्रामीणों का आरोप है कि अभी भी कई मजदूरों को भट्ठा संचालक द्वारा बंधक बनाकर रखा गया है।
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राजद नेता शैलेंद्र प्रताप सिंह ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि बिहार के मजदूरों को रोजगार के लिए दूसरे राज्यों में पलायन करना पड़ रहा है, इससे बड़ी विडंबना क्या हो सकती है? सरकार यदि शपथ ग्रहण के जश्न से बाहर आ गई हो तो उन गरीब परिवारों की आवाज भी सुने, जो हर दिन मौत के मुंह में समा रहे हैं और अंत में केवल आंकड़ा बनकर रह जाते हैं। उन्होंने पीड़ित परिवार को मुआवजा व नौकरी देने की मांग करते हुए चेतावनी दी कि यदि तत्काल राहत नहीं मिली तो आंदोलन ही एकमात्र विकल्प बचेगा।