विधानसभा चुनाव-2025 के नामांकन के बीच मंगलवार को सिवान समाहरणालय परिसर में उस समय अजीबोगरीब स्थिति पैदा हो गई जब दरौली विधानसभा सीट से महागठबंधन के उम्मीदवार और वर्तमान विधायक सत्यदेव राम को पुलिस ने नामांकन करने के तुरंत बाद हिरासत में ले लिया। यह घटना देखते ही वहां मौजूद समर्थक और आम लोग सकते में आ गए।
जानकारी के अनुसार, वर्ष 2005 में दरौंदा रेलवे स्टेशन पर बिना अनुमति के रेल रोको आंदोलन किया गया था। उसी मामले में रेलवे थाना कांड संख्या 36/2005 दर्ज की गई थी। बताया जा रहा है कि इस प्रकरण में सोनपुर रेलवे कोर्ट के एसीजेएम द्वारा स्थायी वारंट जारी किया गया था। इसी वारंट के आधार पर मंगलवार को नगर थाना पुलिस ने विधायक सत्यदेव राम को समाहरणालय परिसर से हिरासत में लिया।
घटना के बाद विधायक सत्यदेव राम ने मीडिया से बातचीत में कहा कि उन्हें इस मामले की कोई जानकारी नहीं थी। उन्होंने बताया कि मैं निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के तहत सभी जरूरी कागजातों के साथ नामांकन करने आया था। जैसे ही नामांकन कर बाहर निकला, पुलिस ने मुझे हिरासत में ले लिया। पूछने पर बस इतना बताया गया कि कोई रेल से जुड़ा पुराना मामला है।
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वहीं, सीवान के पुलिस अधीक्षक मनोज कुमार तिवारी ने बताया कि विधायक के खिलाफ सोनपुर रेलवे कोर्ट से जारी स्थायी वारंट के आधार पर कार्रवाई की गई है। उन्होंने कहा कि वारंट की पुष्टि होने के बाद विधायक को हिरासत में लिया गया है। अब उन्हें आगे की प्रक्रिया के लिए सोनपुर रेल कोर्ट में पेश किया जाएगा।
इस घटनाक्रम से सियासी हलकों में हलचल मच गई है। नामांकन प्रक्रिया के दौरान किसी विधायक का इस तरह हिरासत में लिया जाना चुनावी माहौल में चर्चा का विषय बन गया है। समर्थक इसे राजनीतिक साजिश बता रहे हैं, जबकि प्रशासन का कहना है कि यह केवल न्यायिक आदेश का अनुपालन है। इस पूरे प्रकरण ने सिवान के समाहरणालय परिसर में अफरातफरी और उत्सुकता का माहौल बना दिया।