सीवान के भगवानपुर हाट प्रखंड क्षेत्र के चक्रवृद्धि निवासी अशोक कुमार शर्मा ने मंगलवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को पत्र भेजकर पार्टी से इस्तीफा दे दिया। उनके इस कदम से सीवान सहित सारण प्रमंडल में अति पिछड़ा वर्ग के मतदाताओं पर असर पड़ने की चर्चा है।
मुख्यमंत्री को भेजे गए पत्र में अशोक कुमार शर्मा ने लिखा कि वे जून 1994 से पार्टी के संगठन निर्माण में जुटे रहे और लोहार/बढ़ई सहित अति पिछड़ी जातियों के लोगों के साथ मिलकर पार्टी को मजबूत करने का काम किया। उन्होंने उल्लेख किया कि मार्च 2014 में जब मुख्यमंत्री भगवानपुर महाविद्यालय परिसर में चुनावी सभा को संबोधित करने आए थे, तब जाते वक्त उन्होंने खुद गाड़ी रोककर ईमानदार आश्वासन दिया था जिसकी याद मुख्यमंत्री को होनी चाहिए।
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शर्मा ने पत्र में आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री ने ईडब्ल्यूएस आरक्षण तो चंद मिनटों में लागू कर दिया, लेकिन अति पिछड़े वर्गों, विशेष रूप से लोहार जाति को तेजपत्ता की तरह इस्तेमाल किया गया। उन्होंने लिखा कि बिहार के करीब तीस लाख लोहार समाज को विधानसभा, लोकसभा, विधान परिषद या राज्यसभा में उचित प्रतिनिधित्व नहीं मिला है।
अशोक कुमार शर्मा ने कहा कि अब अति पिछड़ा समाज मुख्यमंत्री पर भरोसा नहीं कर सकता। उनके इस्तीफे के बाद क्षेत्र में जेडीयू को बड़ा झटका लगने की चर्चा है। साथ ही, उनके महागठबंधन में शामिल होने की संभावना को लेकर सियासी गलियारों में अटकलें तेज हैं। अब देखना यह होगा कि अशोक कुमार शर्मा अगला राजनीतिक कदम क्या उठाते हैं।