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अटल पांडेय हत्याकांड: दो और दोषियों को उम्रकैद की सजा, संपत्ति हड़पने की मंशा से रची गई थी हत्या की साजिश

Thu, 20 Feb 2025 03:37 PM IST
हिमांशु प्रियदर्शी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गोपालगंज

सार

Atal Pandey murder case: गोपालगंज के अटल पांडेय हत्याकांड में दो और दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई गई है। कोर्ट ने माना कि हत्या की साजिश संपत्ति हड़पने की मंशा से रची गई थी। अब तक पांच दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई जा चुकी है।
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अटल हत्याकांड में दो और दोषियों को उम्रकैद - फोटो : फाइल फोटो
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विस्तार
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गोपालगंज जिले के विजयीपुर के चर्चित छात्र अटल पांडेय हत्याकांड में न्यायालय ने दो और अभियुक्तों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश-10 मानवेंद्र मिश्र की अदालत ने गुरुवार को सिकंदर मांझी और राकेश यादव को दोषी मानते हुए यह फैसला सुनाया। अभियोजन और बचाव पक्ष की दलीलों, प्रस्तुत सबूतों और गवाहों के बयान के आधार पर अदालत ने यह निर्णय लिया।

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वीडियो फुटेज बने अहम सबूत
मामले की सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता रामनाथ साहू और अभियोजन पक्ष से एपीपी अनिल शर्मा व जयराम साह ने अपनी दलीलें रखीं। अभियोजन पक्ष ने 10 गवाहों और चश्मदीदों के बयान दर्ज कराए, जबकि बचाव पक्ष ने भी अपनी ओर से दर्जनभर सबूतों को पेश किया।
 
मामले में अभियोजन ने एक पेन ड्राइव में मौजूद वीडियो फुटेज को भी कोर्ट में सबूत के तौर पर पेश किया, जिसमें अभियुक्तों की संलिप्तता को साबित किया गया। राकेश यादव 23 सितंबर 2022 से और सिकंदर मांझी 28 जुलाई 2023 से जेल में बंद हैं। पटना हाईकोर्ट के निर्देश पर इस मामले में स्पीडी ट्रायल चलाया जा रहा था, जिससे जल्द न्याय सुनिश्चित हो सके।
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भाकपा माले नेता समेत दो अन्य के खिलाफ ट्रायल जारी
इस हत्याकांड में अब भी दो और अभियुक्तों के खिलाफ सुनवाई जारी है। इनौस के प्रदेश अध्यक्ष जितेंद्र पासवान और श्रीराम भगत के खिलाफ तीन फरवरी 2024 से अभियोजन सबूत पर सुनवाई हो रही है। अभियोजन पदाधिकारी अनिल शर्मा ने बताया कि इस मामले में भी स्पीडी ट्रायल के तहत जल्द फैसला सुनाने का आदेश दिया गया है।
 
क्या था पूरा मामला?
जानकारी के मुताबिक, दो दिसंबर 2021 को विजयीपुर थाना क्षेत्र के कोरेया गांव में भूमि विवाद के चलते 16 वर्षीय छात्र अटल पांडेय की हत्या कर दी गई थी। अटल पांडेय लखनऊ में पढ़ाई कर रहा था और वह अपने पिता का इकलौता पुत्र था। घटना वाले दिन संजय पांडेय, सिंटू पांडेय और जगदंबा पांडेय के साथ मिलकर अभियुक्तों ने चाकू से जानलेवा हमला कर अटल पांडेय को गंभीर रूप से घायल कर दिया था। कोर्ट ने अपने फैसले में स्पष्ट किया कि हत्या की यह साजिश संपत्ति हड़पने के उद्देश्य से रची गई थी। इस दौरान अटल पांडेय को बचाने आए अन्य लोगों पर भी घातक हमला किया गया, जिसमें वे भी गंभीर रूप से घायल हो गए थे।
 
तीन अभियुक्तों को मिल चुकी है उम्रकैद की सजा
इस हत्याकांड में छह जुलाई 2024 को अदालत ने तीन अन्य अभियुक्तों प्रेम खरवार, राजकुमार खरवार और अंगद विश्वकर्मा को दोषी मानते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई थी। साथ ही तीनों अभियुक्तों पर एक-एक लाख रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया था। कोर्ट ने अपने फैसले में वीडियो फुटेज, पोस्टमार्टम रिपोर्ट, चाकू से किए गए हमले के प्रमाण, जख्म प्रतिवेदन और डॉक्टरों के बयान को आधार बनाते हुए यह सजा सुनाई थी। अब तक इस केस में पांच अभियुक्तों को उम्रकैद की सजा मिल चुकी है, जबकि दो अन्य अभियुक्तों के खिलाफ ट्रायल जारी है।

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