बिहार के सहरसा में 80वां स्वतंत्रता दिवस धूमधाम और हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। स्वतंत्रता दिवस परेड के भव्य आयोजन के बीच जिले के प्रभारी मंत्री मिथिलेश तिवारी ने झंडोत्तोलन किया। इस अवसर पर डीएम दीपेश कुमार और एसपी विक्रम सिहाग सहित जिले के आला अधिकारी मौजूद रहे। समारोह को संबोधित करते हुए प्रभारी मंत्री ने कोसी की धरती के अमर सेनानियों पुलकित कामत, हरिकांत झा, भोला ठाकुर, कालेश्वर मंडल, धीरो राय और केदारनाथ तिवारी के बलिदान को नमन किया। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक आपदाओं और बाढ़ की चुनौतियों के बावजूद सहरसा ने विकास की नई इबारत लिखी है।
कनेक्टिविटी और इंफ्रास्ट्रक्चर: जिले को मिले कई बड़े प्रोजेक्ट
'सात निश्चय-3' से 1 करोड़ युवाओं को रोजगार का लक्ष्य
शिक्षा और स्वास्थ्य में सहरसा का डंका
प्रभारी मंत्री ने शिक्षक बहाली के आंकड़े पेश करते हुए बताया कि TRE-1, TRE-2 और TRE-3 के जरिए जिले में 5,472 शिक्षकों की बहाली की गई है। साप्ताहिक जांच परीक्षा की मॉनिटरिंग के लिए 'उन्नत शिक्षा ऐप' की शुरुआत की गई है। जिला स्कूल को 'सेंटर ऑफ एक्सीलेंस' बनाया गया है तथा छह नए डिग्री कॉलेज शुरू किए गए हैं। स्वास्थ्य के क्षेत्र में उन्होंने कहा कि कायाकल्प योजना में सहरसा बिहार में नंबर-1 रहा है, जबकि टीबी मुक्त भारत अभियान में टॉप-5 में जगह बनाई है। दिल में छेद से पीड़ित 47 बच्चों का अहमदाबाद के अस्पताल में मुफ्त सफल ऑपरेशन कराया गया।
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उद्योग, कृषि और खेल का विस्तार
प्रभारी मंत्री ने उद्योग, कृषि और खेल के क्षेत्र में सहरसा की उपलब्धियों की जानकारी देते हुए कहा कि बैजनाथपुर में मखाना प्रोसेसिंग सेंटर और सत्तरकटैया में जीविका दीदियों के लिए सिलाई केंद्र खोला गया है। 2.28 लाख किसानों के खातों में डीबीटी के माध्यम से राशि भेजी गई है। ई-केवाईसी में जिला राज्य में तीसरे स्थान पर है। करीब 8 हजार छात्रों को 4 लाख रुपये तक का शिक्षा ऋण दिया गया है। वर्ष 2027 तक प्रमंडल स्तरीय आधुनिक स्टेडियम तैयार हो जाएगा। एकलव्य आवासीय केंद्र में 18 बालिकाओं को खेल का विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है।