दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय के छात्र नेता चंद्रशेखर के हत्याकांड मामले में सीबाआई की विशेष अदालत ने आरोपी रूस्तम मियां को दोषी करार दिया है। रूस्तम मियां की सजा पर निर्णय नौ नवंबर को सुनवाई के दौरान लिया जाएगा। इस मामले में पहले ही मार्च 2012 में अदालत तीन आरोपियों शेख मुन्ना खां, इलियास वारिस और ध्रुव कुमार जायसवाल को आजीवन कारावास की सजा सुना चुकी है।
चंद्रशेखर की हत्या 31 मार्च, 1997 को शाम चार बजे सीवन के जेपी चौक पर गोली मारकर की गई थी। उस समय वे भाकपा-माले आहूत बिहार बंद के समर्थन में भाषण दे रहे थे। राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता के चलते हुए इस हत्याकांड ने राज्य में हड़कंप मचा दिया था। तब राज्य सरकार ने हत्याकांड की जांच सीबीआई से कराने की सिफारिश की थी।
चंद्रशेखर जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय के छात्र संघ के अध्यक्ष रह चुके हैं। वे राजनीति में भ्रष्टाचार और अपराधिकरण के खिलाफ मुहिम चलाने के कारण सुर्खियों में आए थे। चंद्रशेखर की हत्या के बाद उनकी मां कौशल्या देवी ने न्याय पाने का प्रयास किया। हालांकि बाद में कौशल्या देवी की मृत्यु हो गयी थी।