बिहार विधानसभा सत्र के दौरान भजापा विधायकों ने जमकर हंगामा किया। सदन की कार्यवाही के दौरान ही भाजपा विधायक बिजली बिल में बढ़ोतरी करने के विरोध में प्रदर्शन करने लगे। सरकार से इसे कम करने की अपील करने लगे। इधर, आज महागठबंधन की सभी पार्टी के विधायक और विधान पार्षदों ने प्रदर्शन किया। विधायकों ने काली पट्टी बांधकर केंद्र सरकार के विरोध में नारेबाजी की। सभी नेता राहुल गांधी मामले पर केंद्र सरकार का विरोध कर रहे थे। इसमें कांग्रेस, राजद, जदूय, माले समेत अन्य पार्टी के नेता दिखे।
कांग्रेस विधायक बोले- राहुल गांधी की सदस्यता खत्म करना गलत
महागठबंधन के नेताओं ने कहा कि राहुल गांधी के लोकसभा की सदस्यता समाप्त करना बेहद ही दुर्भाग्यपूर्ण है। यह मोदी सरकार की साजिश है। हमारी मांग है कि राहुल गांधी के खिलाफ की गई कार्रवाई रद्द की जाए और उनकी सदस्यता फिर से बहाल की जाए। कांग्रेस विधायक अजीत शर्मा ने कहा कि केंद्र सरकार विपक्षी सांसदों को बोलने से रोकने की कर रही है। हम कानून के फैसले का सम्मान करते हैं लेकिन राहुल गांधी की सदस्यता को खत्म करना गलत है। हमलोग इसका विरोध करते हैं।
10 लाख नौकरी में रसोइया का भी समायोजन हो सकता है
इधर, सदन के अंदर बिहार में 10 लाख लोगों को रोजगार की बात पर शिक्षा मंत्री ने जवाब दिया। उन्होंने कहा कि 10 लाख नौकरी में रसोइया का भी समायोजन हो सकता है। बिहार सरकार इसको लेकर गंभीर है। वहीं पुलिस की मनमानी का मुद्दा भी विधानसभा में उठा। महागठबंधन के ही एक विधायक ने इस मामले को सदन में उठाया। इस पर बिहार सरकार के मंत्री ने जवाब देते हुए कहा कि इस मामले को गंभीरता से लिया गया है। राज्य के सभी एसपी के लिए निर्देश जारी किए जाएंगे।