बिहार में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के चहेते अधिकारियों के पर कतरने की भाजपा की जिद के सामने नीतीश कुमार झुकते नजर आ रहे हैं। बृहस्पतिवार को बिहार सरकार के कई बड़े अधिकारियों के पर कतरे गए, कइयों से उनके अतिरिक्त प्रभार वापस लिए गए तो कइयों के विभाग में बड़ा बदलाव हुआ। देर रात हुए इस बदलाव ने बिहार की राजनीति को आरोप प्रत्यारोप का मौका दे दिया है।
राज्य की पूर्व मुख्यमंत्री और राजद नेता राबड़ी देवी ने कहा है कि नीतीश कुमार भाजपा के सामने कमजोर पड़ गए हैं और अधिकारियों के स्थानांतरण और प्रमोशन मुख्यमंत्री नहीं बल्कि भाजपा के नेताओं के मन से हो रहा है। राबड़ी ने यह भी कहा अब भाजपा नेताओं के सामने नीतीश कुमार की कुछ भी नहीं चल रही है।
उन्होंने कहा कि भाजपा चाहती थी कि प्रशासन में गृह सचिव आमिर सुबहानी का कद छोटा किया जाए, इसलिए आमिर सुबहानी से सामान्य प्रशासन समेत कई विभाग वापस ले लिए गए ।
राबड़ी के इस बयान के बाद जदयू ने भी पलटवार किया है, जदयू महासचिव केसी त्यागी ने कहा है कि सरकार सामान्य रुप से अपना काम कर रही है। समय समय पर अधिकारियों के विभाग बदले जाते रहे हैं और उनका तबादला भी होता रहा है।
इधर कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता असित नाथ तिवारी ने भी आरोप लगाया है कि सरकार भाजपा के बहुत दबाव में चल रही है और अधिकारियों और भाजपा नेताओं के पसंद के अधिकारियों को ताकतवर बनाया जा रहा है।