एफआई प्रदर्शनकारियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 141, 143, 145, 147,149 (सभी गैरकानूनी विधानसभा से संबंधित), 188 (लोक सेवक द्वारा विधिवत आदेश की अवज्ञा) और 341 (गलत संयम) के तहत अपराध दर्ज किया गया है।
पुणे में पीएफआई के विरोध के दौरान लगे पाकिस्तान समर्थित नारों पर राजद नेता शिवानंद तिवारी ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे सिर्फ एक विरोध का हिस्सा हैं, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि इस तरह के नारे लगाने वालों पाकिस्तानी माना जाए और उन्हें पाकिस्तान चले जाना चाहिए।
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राज ठाकरे ने दी चेतावनी
इससे पहले मामले में राजनीति तेज हो गई है। इसमें महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना प्रमुख राज ठाकरे भी कूद पड़े हैं। उन्होंने आरोपियों को खुली चेतावनी दी और कहा कि संभल जाओ नहीं तो अगर अगर हिंदू इस मामले को अपने हाथ में लेने का फैसला करते हैं, तो त्योहार के दौरान अशांति हो जाएगी। अगर हम तय कर लें तो तुम बदमाशों का अंजाम क्या होगा, ये सोच भी नहीं सकते। उन्होंने कहा कि मुझे ये सब बोलने के लिए मत उकसाओ। उन्होंने सरकार से अपील करते हुए कहा कि इन राष्ट्र विरोधी गतिविधियों को तुरंत समाप्त करना बेहतर होगा।
भाजपा ने जारी किया था पीएफआई समर्थकों का वीडियो
वीडियो का हवाला देते हुए, भाजपा ने शनिवार को आरोप लगाया कि शुक्रवार को जिला कलेक्टर कार्यालय के बाहर एक पीएफआई विरोध रैली में पाकिस्तान के समर्थन में नारे लगाए गए थे। वहीं पुणे पुलिस ने कहा कि वे पहले वीडियो की पुष्टि करेंगे और उसके अनुसार कार्रवाई करेंगे। यह विरोध टेरर फंडिंग के आरोपों पर पीएफआई नेताओं पर एनआईए-ईडी-राज्य पुलिस की संयुक्त कार्रवाई के खिलाफ था।
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पीएफआई प्रदर्शनकारियों के खिलाफ इन धाराओं में मामले दर्ज
वहीं आरोप के बाद पीएफआई प्रदर्शनकारियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 141, 143, 145, 147,149 (सभी गैरकानूनी विधानसभा से संबंधित), 188 (लोक सेवक द्वारा विधिवत आदेश की अवज्ञा) और 341 (गलत संयम) के तहत अपराध दर्ज किया गया है।