बिहार के पटना में 10 साल का दीपक नाले में गिर गया है। नाले में गिरने के 45 घंटे बाद भी उसका कुछ पता नहीं चल सका है। उसे बचाने के लिए एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और नगर निगम रेस्क्यू ऑपरेशन कर रहे हैं। यह नाला शहर के पुनाईचक मोहनपुर संप हाउस का है। दीपक को बचाने में नगर निगम की सुपर मशीन, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ के डीप डाइवर भी असफल रहे।
उसे बचाने के लिए गोताखोर भी लगाए गए लेकिन वह भी असफल रहे। जानकारी के मुताबिक वह शनिवार के दिन करीब डेढ़ बजे पुनाईचक संप हाउस के हौज में गिरकर एसकेपुरी संप हाउस के नाले में बह गया था।
उसे बचाने के लिए दिनभर ऑपरेशन चलाया गया, रात के करीब साढ़े बाहर बजे गोताखोर नाले से निकले। इसके करीब 10 घंटे मशीन चलाने के बाद रविवार सुबह 11 बजे एनडीआरएफ और एसडीआरएफ के कर्मी ऑक्सीजन सिलेंडर लेकर मैनहोल में उतरे। यहां भी बच्चा नहीं मिला। इसके बाद दूसरे मेनहोल की जानकारी मिली। वहां भी जांच की गई लेकिन दीपक की कोई जानकारी नहीं मिली।
रविवार को शाम 6 बजे सड़क की खुदाई का काम शुरू किया गया। यह फैसला इसलिए लिया गया क्योंकि जिस नाले में रेस्क्यू का काम चल रहा था वह संप हाउस से नहीं जुड़ा था। इस बात का पता बाद में चला। सड़क की खुदाई के बाद पाइप को तोड़ा गया और फिर सुपर सकर मशीन से गाद निकाली गई। घटनास्थल का डीएम, नगर आयुक्त, केंद्रीय मंत्री रामकृपाल यादव और मेयर सीता साहू ने मुआयना किया।