बिहार में राज्यसभा चुनाव 2026 के दौरान महागठबंधन के भीतर असंतोष खुलकर सामने आ गया है। कांग्रेस के तीन विधायकों के मतदान से गायब रहने और विधायक मनोज विश्वास और सुरेंद्र प्रसाद कुशवाहा के बयान ने सियासी हलचल तेज कर दी है।
'उम्मीदवार पसंद नहीं था इसलिए नहीं दिया वोट'
कांग्रेस विधायक मनोज विश्वास ने साफ शब्दों में कहा कि उन्होंने पार्टी उम्मीदवार को वोट नहीं दिया क्योंकि उन्हें उम्मीदवार पसंद नहीं था। उन्होंने कहा कि उम्मीदवार चयन में न तो उनकी राय ली गई और न ही प्रदेश नेतृत्व, यहां तक कि प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम से भी कोई परामर्श नहीं किया गया। उन्होंने यह भी कहा कि जो करना है कीजिए, हम कार्रवाई के लिए तैयार हैं और खुद को किसी भी तरह के दबाव या खरीद-फरोख्त से दूर बताया।
'गलत उम्मीदवार के कारण नहीं दिया वोट'
वहीं, कांग्रेस के दूसरे विधायक सुरेंद्र प्रसाद कुशवाहा ने कहा कि गठबंधन के पास बेहतर विकल्प मौजूद थे। उनके अनुसार दीपक यादव या मुकेश सहनी जैसे नेताओं को मौका दिया जा सकता था, लेकिन ऐसे व्यक्ति को उम्मीदवार बना दिया गया जिसका जनाधार महागठबंधन के खिलाफ माना जाता है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वह एनडीए का समर्थन नहीं कर सकते, लेकिन गलत उम्मीदवार के कारण वोट नहीं देना ही उचित समझा।
अपने अपने ऊपर लग रहे आरोपों का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि उन्होंने विधानसभा चुनाव में मजबूत राजनीतिक ताकतों को हराकर जीत हासिल की है और जनता के भरोसे पर खरा उतरने के लिए तेजी से विकास कार्य कर रहे हैं। उन्होंने विरोधियों पर बदनाम करने का आरोप लगाया और जनता से अपील की कि वे उनके काम और समर्पण को समझें। राज्यसभा चुनाव के बीच सामने आए इस घटनाक्रम ने महागठबंधन की एकजुटता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब नजर इस बात पर है कि पार्टी नेतृत्व इस पूरे मामले में क्या कदम उठाता है।
ये भी पढ़ें:
रामनवमी पर रात 2 बजे खुलेगा पटना के महावीर मंदिर का पट, नैवेद्यम को लेकर की गई खास तैयारी
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने क्या कहा?
वहीं, तीन विधायकों के मतदान से अनुपस्थित रहने पर बिहार प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) पर गंभीर आरोप लगाए हैं। प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम ने कहा कि उनके तीनों विधायक एनडीए के दबाव में वोटिंग के लिए नहीं पहुंच सके। उन्होंने बताया कि पूरे मामले की जानकारी पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व को दे दी गई है और आगे की कार्रवाई वहीं से तय होगी। इस मुद्दे को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रदेश कार्यालय पर विरोध प्रदर्शन भी किया।