राजस्थान के बाड़मेर के पत्रकार दुर्ग सिंह पुरोहित को जमानत मिल गई है। उनके खिलाफ एससी/एसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज है, जिस पर बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने जांच के आदेश भी दिए हैं। आरोप ये भी लग रहे हैं कि उन्हें झूठे मामले में फंसाया गया है। दरअसल नालंदा के रहने वाले राकेश पासवान ने पत्रकार पर पैसे गबन और जातिसूचक शब्द का प्रयोग करने का आरोप लगाया था।
इसके बाद पत्रकार दुर्ग सिंह पुरोहित को एससी/एसटी एक्ट के तहत मंगलवार, 21 अगस्त के दिन राजस्थान के बाड़मेर से गिरफ्तार कर पटना लाया गया था। पटना व्यवहार न्यायालय में बाड़मेर पुलिस ने उसे पेश किया। कोर्ट ने उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। मामले की अगली सुनवाई एक सितंबर को होगी।
पत्रकार ने कहा- आरोप मनगढंत
राकेश पासवान के द्वारा लगाए गए आरोपों को पत्रकार ने गलत बताते हुए कहा है कि वह आज से पहले कभी पटना नहीं आया और ना ही राकेश पासवान के साथ उसकी कोई मुलाकात हुई है। पत्रकार दुर्ग सिंह पुरोहित के अधिवक्ता और पटना हाईकोर्ट के वकील का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट ने एससी/एसटी एक्ट में आर्डर दिया था, जिसमें साफ-साफ कहा गया है कि बिना एसपी के आदेश के किसी व्यक्ति की गिरफ्तारी नहीं हो सकती है।
शिकायतकर्ता ने भी थाने में कोई मामला दर्ज नहीं किया है, लेकिन उसके बावजूद भी बाड़मेर पुलिस बिना किसी सूचना के पत्रकार को गिरफ्तार कर पटना ले आई। वकील ने इसे पूरी तरह एक राजनीतिक षड्यंत्र बताया है।