Bihar Cabinet Expension : मंत्रिमंडल विस्तार की तारीख आए बगैर ही कांग्रेस की एक महिला विधायक गुस्से में हैं। विधायक का कहना है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार महिलाओं के अधिकार की बात करते हैं तो मुझे मेरा अधिकार क्यों नहीं दे रहे हैं?
बिहार में महागठबंधन की सरकार में कांग्रेस के मंत्री बनने पर घमासान तेज हो गया है। कांग्रेस के दो नये मंत्री बनने की अटकलें अब तक बनी हुई हैं। नये चेहरों को लेकर संशय अब तक बनी हुई है। उन नए नामों में तीन नाम काफी जोरशोर में हैं। उसमें महाराजगंज के विधायक विजय शंकर दुबे, औरंगाबाद के विधायक आनंद शंकर और मुजफ्फरपुर से पार्टी के टिकट पर जीतने वाले विजेंद्र चौधरी का नाम है। हलांकि इस दौड़ में कांग्रेस विधायक दल के पूर्व नेता अजीत शर्मा का नाम भी लिया जा रहा है। इस बीच एक महिला विधायक भी अपने नाम की मुहर लगा रही हैं।
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महिला मंत्री क्यों नहीं
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अखिलेश सिंह का कहना है कि जल्द ही कैबिनेट का विस्तार होगा और कांग्रेस के दो और लोगों को मंत्री बनाया जाएगा। विजय शंकर दुबे, आनंद शंकर और विजेंद्र चौधरी के अलावे हिसुआ से कांग्रेस विधायक नीतू सिंह सिंह भी अब मंत्री पद के लिए अपनी दावेदारी ठोक रही हैं। उनका कहना है कि महिला होने के नाते उन्हें भी मंत्री बनाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि मैं आधी आबादी का प्रतिनिधितत्व करती हूं इसलिए हमें मंत्री पद जरुर मिलना चाहिए। उनका कहना है कि बिहार में कांग्रेस के 19 एमएलए हैं, जिनमें सिर्फ दो महिलाएं हैं। कांग्रेस कोटे से अभी सिर्फ दो मंत्री है और दोनों ही पुरुष हैं, इसलिए महिला होने के नाते हम दो महिलाओं में से किसी एक को भी मंत्री जरुर बनाया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि एक ओर नीतीश कुमार महिलाओं के हक़ और अधिकार की बातें करते हैं वहीं दूसरी तरफ महागठबंधन में महिलाओं की भागीदारी बहुत ही कम है। इसलिए मुख्यमंत्री जी को यह बात समझनी चाहिए।