राज्यसभा सदस्य व जदयू नेता साबिर अली ने केंद्र सरकार पर मुसलमानों के प्रति गंभीर न होने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की नीयत मुसलमानों के बारे में अच्छी नहीं है। मुसलमानों के लिए क्या किया यह पूछने पर सरकार के पास कोई जवाब नहीं होता।
सांसद ने कहा कि सरकार मुसलमानों की परेशानियों को दूर करने को लेकर अपनी नीति और नीयत साफ रखने की बात करती है। जब पूछा जाए कि उन्होंने मुसलमानों के लिए क्या किया है तो वह गोलमोल जवाब देती है। साबिर ने बताया कि उन्होंने राज्यसभा में मुसलमान कैदियों से संबंधित जानकारी लेने चाही। उन्होंने पूछा कि देश की विभिन्न जेलों में कितने बेकसूर मुसलमान कैद हैं। मुसलमानों को बिना वजह परेशान करने से रोकने के लिए क्या नीति बनाई गई है। इस पर गृह मंत्री आरपीएन सिंह ने गोलमोल जवाब दिया।
उन्होंने नेशनल क्राइम ब्यूरो के रिकॉर्ड के हवाले से बताया कि देश की जेलों में 2,41,200 कैदी हैं। इनमें मुसलमानों की संख्या 51,206 है। जबकि सजायफ्ता बंदियों की कुल संख्या 1,28,592 है जिसमें 22,943 मुसलमान हैं। इन सवालों पर गृह राज्य मंत्री ने कहा कि बेगुनाह होने पर कोई भी अदालत में जा सकता है।
उन्होंने बिना वजह परेशान करने के सवाल पर साबिर को बताया कि हिरासत में लेने के दौरान परेशान नहीं किया जाये इसके बारे में कौमी इंसानी कमीशन व सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश दिये हैं। उन निर्देशों पर अमल करने के लिए मंत्रालय राज्यों व केंद्र शासित राज्यों को सूचित कर चुका है।