डॉ. एनके यादव
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हार विधान परिषद की कोसी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र संख्या-06 से भाजपा के वरिष्ठ नेता और निवर्तमान एमएलसी डॉ. नरेंद्र कुमार यादव (डॉ. एनके यादव) ने लगातार तीसरी बार जीत दर्ज की है। प्रथम और द्वितीय वरीयता के मतों की गिनती पूरी होने के बाद निर्वाचन प्रशासन ने उन्हें विजयी घोषित किया। डॉ. यादव ने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी राजद के नितेश कुमार को 11 हजार से अधिक मतों के अंतर से हराया। उनकी इस जीत के साथ ही कोसी स्नातक सीट पर जीत की हैट्रिक पूरी हो गई।
2014 और 2020 के बाद तीसरी बार बने एमएलसी
डॉ. एनके यादव ने वर्ष 2014 में पहली बार भाजपा के टिकट पर कोसी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से जीत दर्ज की थी। इसके बाद 2020 के चुनाव में भी उन्होंने मतदाताओं का भरोसा हासिल किया और दूसरी बार विधान परिषद पहुंचे। अब 2026 के चुनाव में जीत हासिल कर उन्होंने लगातार तीसरी बार इस सीट पर कब्जा जमाया है। कोसी, सीमांचल, अंग और पूर्वी बिहार के 14 जिलों में फैले इस निर्वाचन क्षेत्र के स्नातक मतदाताओं ने एक बार फिर उनके पक्ष में मतदान किया। चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद पूर्णिया जिला स्कूल परिसर स्थित मतगणना केंद्र पर उनके समर्थकों ने ढोल-नगाड़ों और आतिशबाजी के साथ जश्न मनाया।
पहली वरीयता के मतों में 5,340 वोटों की बढ़त
पहली वरीयता के मतों की गिनती पूरी होने तक भाजपा के डॉ. एनके यादव को 24,528 वोट मिले थे। इस चरण में वह राजद के नितेश कुमार से 5,340 मतों से आगे थे। हालांकि, जीत के लिए निर्धारित 32,201 मतों का कोटा पहली वरीयता के मतों से पूरा नहीं हुआ। इसके बाद एकल संक्रमणीय मत प्रणाली के तहत द्वितीय वरीयता के मतों की छंटनी और स्थानांतरण की प्रक्रिया शुरू की गई। द्वितीय वरीयता के मतों की गिनती पूरी होने के बाद डॉ. यादव की बढ़त बढ़कर 11 हजार से अधिक मतों की हो गई। इसके बाद निर्वाचन प्रशासन ने उन्हें आधिकारिक रूप से विजयी घोषित कर दिया।
कौन हैं डॉ. एनके यादव?
डॉ. नरेंद्र कुमार यादव मूल रूप से झारखंड के गोड्डा जिले के निवासी हैं। वह अंग क्षेत्र के भागलपुर में स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ के रूप में भी अपनी पहचान रखते हैं। उनके पिता स्वर्गीय गौरी शंकर यादव क्षेत्र के सम्मानित नागरिक थे। चुनाव में उतरने से पहले उनकी मां बिंदुला देवी ने उनके माथे पर विजय-तिलक लगाया था। चुनाव परिणाम के बाद उनके समर्थकों और परिवार में खुशी का माहौल है।
चिकित्सा सेवा से जुड़ा है पूरा परिवार
डॉ. एनके यादव की पत्नी डॉ. वीणा यादव वर्ष 2007 से 2012 तक भागलपुर नगर निगम की महापौर रह चुकी हैं। उनका परिवार चिकित्सा सेवा से जुड़ा हुआ है। उनके पुत्र डॉ. निलय कृष्णा, पुत्री डॉ. श्रेया यादव और दामाद डॉ. राधेश्याम भी चिकित्सा के क्षेत्र में सेवाएं दे रहे हैं।
ऐसा रहा डॉ. एनके यादव का राजनीतिक सफर
डॉ. यादव ने वर्ष 2009 में भागलपुर लोकसभा क्षेत्र से निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़कर मुख्यधारा की राजनीति में कदम रखा। वर्ष 2010 के बिहार विधानसभा चुनाव में उन्होंने भागलपुर सदर सीट से राजद-लोजपा गठबंधन के प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ा। इसके बाद वर्ष 2014 में भाजपा से जुड़कर कोसी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से पहली बार विधान परिषद पहुंचे। वर्ष 2020 में उन्होंने दूसरी बार जीत दर्ज की और अब 2026 में लगातार तीसरी जीत हासिल कर अपनी राजनीतिक स्थिति मजबूत की है।