किशनगंज जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए सतर्कता विभाग की टीम ने खनन विभाग के दो कर्मचारियों को रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में प्रधान लिपिक अशोक कुमार चौधरी और चपरासी सरोज कुमार सिंह शामिल हैं। दोनों को मंगलवार शाम पकड़ा गया।
चाय की दुकान पर जाल बिछाकर टीम ने पकड़ा
पटना से आई सतर्कता टीम ने यह कार्रवाई टाउन थाना क्षेत्र के दुमुरिया स्थित एक चाय की दुकान पर जाल बिछाकर की। सतर्कता विभाग के डीएसपी मोहम्मद आसिफ इकबाल अंसारी ने गिरफ्तारी की पुष्टि की है।
15 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथ धराये
जानकारी के अनुसार, प्रधान लिपिक अशोक कुमार चौधरी को शिकायतकर्ता मोहम्मद हबीब आलम से 8,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए पकड़ा गया, जबकि चपरासी सरोज कुमार सिंह को 7,000 रुपये लेते हुए गिरफ्तार किया गया। दोनों पर अवैध धन रखने का भी आरोप है।
ट्रैक्टर छोड़ने के एवज में ले रहे थे रुपये
शिकायतकर्ता हबीब आलम ने बताया कि पिछले वर्ष 31 दिसंबर को खनन विभाग के अधिकारियों ने चकला गांव के पास रेत लदे उनके ट्रैक्टर को जब्त कर लिया था। ट्रैक्टर मालिक द्वारा विभाग की ओर से लगाया गया जुर्माना ऑनलाइन जमा कर दिया गया था। इसके बावजूद आरोपियों ने ट्रैक्टर नहीं छोड़ा और उसे मुक्त करने के एवज में अवैध राशि की मांग की।
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शिकायत दर्ज कराने के बाद हुई कार्रवाई
इस संबंध में हबीब आलम ने 16 फरवरी को पटना स्थित सतर्कता कार्यालय में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के सत्यापन के बाद सतर्कता टीम मंगलवार को किशनगंज पहुंची और योजनाबद्ध तरीके से कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। सूत्रों के अनुसार, गिरफ्तार दोनों कर्मचारियों को मंगलवार रात सड़क मार्ग से भागलपुर स्थित सतर्कता के विशेष न्यायालय में पेश किया जाएगा। मामले की आगे की जांच जारी है।