Bihar: कारगिल ब्रिगेड की इस पहल ने एक बार फिर से भारतीय सेना की देशभक्ति और शहीदों के प्रति सम्मान को प्रदर्शित किया है। शहीद हवलदार रतन कुमार की शहादत को याद करते हुए सूबेदार अमितवा दास ने कहा कि उनकी शहादत ने देश के लिए एक मिसाल पेश की है।
कारगिल युद्ध में शहीद हुए हवलदार रतन कुमार के पूर्णिया स्थित घर पर सोमवार को एक विशेष सम्मान समारोह आयोजित किया गया। कारगिल ब्रिगेड से आए फौजियों के एक दल ने शहीद के परिवार को विजय प्रतीक के रूप में मोमेंटो और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया।
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भारतीय सेना की चार सदस्यीय टीम, जिसमें सूबेदार अमितवा दास, टीआईएफसी राकेश ठाकुर, हवलदार रणजीत सिंह और हवलदार अजय मिश्रा शामिल थे, ने वरीयता के साथ शहीद के परिवार के साथ संवाद किया और उनकी आवश्यकताओं के बारे में जानकारी ली। सूबेदार अमितवा दास ने बताया कि 26 जुलाई को आयोजित होने वाले कारगिल विजय दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित घर घर शौर्य सम्मान महोत्सव के तहत शहीदों के परिजनों को सम्मान पत्र और स्मृति चिन्ह दिया जा रहा है।
कारगिल ब्रिगेड की इस पहल ने एक बार फिर से भारतीय सेना की देशभक्ति और शहीदों के प्रति सम्मान को प्रदर्शित किया है। शहीद हवलदार रतन कुमार की शहादत को याद करते हुए सूबेदार अमितवा दास ने कहा कि उनकी शहादत ने देश के लिए एक मिसाल पेश की है। शहीद के परिवार ने भारतीय सेना की इस पहल के लिए आभार व्यक्त किया और कहा कि यह सम्मान उनके लिए बहुत मायने रखता है।
इस अवसर पर शहीद के परिवार ने कहा कि कारगिल युद्ध में उनके बेटे की शहादत को कभी भुलाया नहीं जा सकता है, लेकिन भारतीय सेना का यह सम्मान उनके लिए एक बड़ी प्रेरणा है। उन्होंने कहा कि यह सम्मान न केवल उनके परिवार के लिए बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए गर्व की बात है। कारगिल ब्रिगेड की इस पहल ने शहीद के परिवार को एक नई ऊर्जा और प्रेरणा दी है, और उन्हें अपने बेटे की शहादत पर गर्व महसूस कराया है।