डीएम ऑफिस में आवेदन देने पहुंची महिला
पूर्णिया जिले में राजस्व विभाग और अंचल कार्यालय की कार्यप्रणाली एक बार फिर विवादों में आ गई है। मामला मुफस्सिल रानीपतरा थाना क्षेत्र के बेलौरी (वार्ड-44, शर्माटोला) का है, जहां एक विधवा महिला ने अंचल कार्यालय पर नियमों की अनदेखी कर म्यूटेशन प्रक्रिया आगे बढ़ाने का गंभीर आरोप लगाया है। पीड़िता ने जिलाधिकारी से मामले में हस्तक्षेप की गुहार लगाई है।
विधवा महिला का जमीन विवाद और आरोप
राजकुमारी देवी (पति स्व. महेश लाल शर्मा) ने बताया कि उनके ससुर स्व. भोला शर्मा के नाम पर 4 एकड़ 57 डिसमिल पैतृक जमीन है, जिसमें उनका वैध हिस्सा 1 एकड़ 14 डिसमिल आता है। उनका आरोप है कि अन्य हिस्सेदारों ने बिना उनकी अनुमति के उनकी जमीन का भी अवैध रूप से हस्तांतरण कर दिया। इसी विवाद को लेकर मामला पूर्णिया सिविल कोर्ट (टाइटल सूट संख्या-117/2026) में विचाराधीन है।
कोर्ट केस के बावजूद म्यूटेशन प्रक्रिया आगे बढ़ी
पीड़िता के अनुसार, जमीन से जुड़े कई म्यूटेशन केस (6961/2023-24, 7603/2025-26, 9166/2025-26, 7602/2025-26) अंचल कार्यालय में लंबित हैं और उन पर पहले आपत्ति भी दर्ज की जा चुकी है। आरोप है कि पूर्व अंचलाधिकारी ने मामले को लंबित रखा था, लेकिन नए प्रभारी अंचलाधिकारी मुकुल कुमार झा द्वारा कोर्ट में लंबित मामले की अनदेखी कर प्रतिवादियों के पक्ष में प्रक्रिया आगे बढ़ा दी गई।
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DM से जांच और कार्रवाई की मांग
राजकुमारी देवी ने जिलाधिकारी को आवेदन देकर आरोप लगाया है कि अंचल कर्मियों और भू-माफियाओं की मिलीभगत से उनकी जमीन हड़पने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने मांग की है कि जब तक सिविल कोर्ट का फैसला नहीं आता, तब तक किसी भी प्रकार का म्यूटेशन या शुद्धिपत्र निर्गत न किया जाए। पूरे मामले को लेकर अब जिला प्रशासन की कार्रवाई पर नजरें टिकी हैं।