पूर्णिया जिले के नगर अंचल कार्यालय में तैनात एक राजस्व कर्मचारी को निगरानी विभाग की टीम ने सोमवार को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार कर्मचारी की पहचान बेला रकाबगंज के राजस्व कर्मचारी रूपक कुमार के रूप में हुई है। यह कार्रवाई जमीन के म्यूटेशन (दाखिल-खारिज) के एवज में रिश्वत मांगने की शिकायत पर की गई है। इस कार्रवाई के बाद अंचल कार्यालय परिसर में काफी देर तक अफरातफरी और हड़कंप का माहौल बना रहा।
घटना के संबंध में मिली जानकारी के अनुसार, श्रीनगर चनका पंचायत के निवासी उमेश कुमार महतो ने अपनी पत्नी पुष्पा देवी के नाम पर दर्ज 4 डेसिमल 35 कड़ी जमीन के दाखिल-खारिज के लिए आवेदन दिया था। आरोप है कि इस कार्य के बदले संबंधित राजस्व कर्मचारी रूपक कुमार द्वारा उनसे 15 हजार रुपये रिश्वत की मांग की जा रही थी। काफी मान-मनौव्वल और बातचीत के बाद रिश्वत की राशि 12 हजार रुपये में तय हुई।
रिश्वत मांगे जाने से तंग आकर शिकायतकर्ता उमेश कुमार महतो ने 2 मई को पटना स्थित निगरानी विभाग के कार्यालय में एक लिखित शिकायत दर्ज कराई। शिकायत मिलने के बाद विभाग ने गुप्त रूप से मामले का सत्यापन कराया। सत्यापन के दौरान रिश्वत मांगे जाने का आरोप सही पाया गया, जिसके बाद विभाग की ओर से एक विशेष टीम का गठन कर जाल बिछाया गया। योजना के मुताबिक, सोमवार को जैसे ही शिकायतकर्ता ने कर्मचारी रूपक कुमार को रिश्वत की पहली किस्त के रूप में 10 हजार रुपये दिए, पहले से घात लगाकर बैठी निगरानी विभाग की टीम ने उन्हें मौके पर ही दबोच लिया। गिरफ्तारी के बाद की गई रासायनिक जांच (हाथ धुलवाने की प्रक्रिया) में भी घूस लेने की पुष्टि हुई।
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निगरानी विभाग की टीम आरोपी कर्मचारी को गिरफ्तार कर अपने साथ ले गई है। विभाग के अधिकारियों के अनुसार, आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इस घटना ने एक बार फिर राजस्व विभाग में फैले भ्रष्टाचार की पोल खोल दी है। फिलहाल, निगरानी की टीम मामले के अन्य पहलुओं की भी विस्तृत जांच कर रही है।