पूर्णिया जिले के डगरुआ थाना क्षेत्र के एक गांव में एक रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना सामने आई है। यहां शॉर्ट सर्किट से लगी आग ने न केवल एक घर को राख कर दिया, बल्कि चौथी कक्षा में पढ़ने वाले 12 वर्षीय छात्र को भी अपनी आगोश में ले लिया। आग की लपटों में घिरने के कारण मासूम की जिंदा जलकर मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। इस घटना के बाद पूरे गांव में मातम और चीख-पुकार का माहौल है।
स्कूल से लौटने के बाद घर में था अकेला
मृतक की पहचान खिखरमानी गांव निवासी मंजूर आलम के पुत्र मो. सादिक (12 वर्ष) के रूप में हुई है। परिजनों के अनुसार, सादिक गांव के ही प्राथमिक विद्यालय में चौथी कक्षा का छात्र था। वह दोपहर में स्कूल से पढ़कर घर लौटा था। उस समय उसकी मां खेत पर काम करने गई हुई थी और सादिक घर में अकेला था।
आग बुझाने की कोशिश में फंस गया मासूम
इसी बीच अचानक घर में बिजली के शॉर्ट सर्किट से आग लग गई। बताया जा रहा है कि आग लगते ही मासूम सादिक घबराया नहीं, बल्कि खुद ही आग बुझाने की कोशिश करने लगा। लेकिन तेज हवाओं और घर में मौजूद ज्वलनशील सामान के कारण आग ने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया। सादिक घर के कमरे में ही आग की लपटों के बीच बुरी तरह फंस गया।
ग्रामीण पहुंचे, लेकिन तब तक हो चुकी थी देर
जब तक ग्रामीणों ने धुआं उठता देखा और मौके पर पहुंचकर आग बुझाने का प्रयास किया, तब तक काफी देर हो चुकी थी। ग्रामीणों ने काफी मशक्कत के बाद जब सादिक को बाहर निकाला, तब तक वह पूरी तरह जल चुका था। इस दर्दनाक मंजर को देखकर गांव के लोग भी सन्न रह गए।
घर के दो कमरे जलकर राख
आग इतनी भीषण थी कि मंजूर आलम के घर के दो कमरे पूरी तरह जलकर राख हो गए। आग की चपेट में आकर घर में रखा अनाज, कपड़े, जेवरात और नकदी भी जलकर खाक हो गए। पीड़ित परिवार के पास अब सिर छिपाने तक की जगह नहीं बची है।
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पुलिस और प्रशासन ने शुरू की कार्रवाई
घटना की सूचना मिलते ही डगरुआ थानाध्यक्ष राजेश कुमार सिंह, अपर थानाध्यक्ष दीपक कुमार और सीओ योगेंद्र दास दलबल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए पूर्णिया जीएमसीएच भेज दिया है। सीओ योगेंद्र दास ने बताया कि प्रथम दृष्टया आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है। उन्होंने कहा कि पीड़ित परिवार को तत्काल सहायता उपलब्ध कराई जा रही है और सरकारी नियमों के तहत आपदा अनुदान की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।