चिकित्सा जगत में कहा जाता है कि डॉक्टर धरती पर भगवान का रूप होते हैं, और इस कहावत को एक बार फिर जीएमसीएच पूर्णिया के डॉक्टरों ने सच साबित कर दिखाया है। यहां के युवा और अनुभवी डॉक्टरों की टीम ने भवानीपुर के एक बेहद गरीब मजदूर के गले से करीब 3 किलो वजन का विशाल ट्यूमर सफलतापूर्वक निकालकर उसे नई जिंदगी दी है। यह ऑपरेशन न सिर्फ चिकित्सकीय रूप से चुनौतीपूर्ण था, बल्कि सेवा भाव की मिसाल भी बना।
30 साल तक झेलता रहा दर्द
पीड़ित की पहचान भवानीपुर निवासी गुरुदेव मुखिया के रूप में हुई है। उनकी कहानी बेहद दर्दनाक रही है। करीब 30 साल पहले उनके गले पर एक छोटा सा मस्सा निकला था, जिसे उन्होंने सामान्य समझकर नजरअंदाज कर दिया। लेकिन समय के साथ वह मस्सा बढ़कर एक बड़े ट्यूमर में बदल गया। आर्थिक तंगी के कारण वे कभी बड़े अस्पताल में इलाज नहीं करा सके।
कटहल जैसा लटकता था ट्यूमर
धीरे-धीरे यह ट्यूमर इतना बड़ा हो गया कि इसका वजन करीब 3 किलो तक पहुंच गया। यह ट्यूमर उनके गले के नीचे कटहल की तरह लटकता था। इसके कारण उन्हें गर्दन घुमाने, सोने और यहां तक कि खाना निगलने में भी काफी परेशानी होती थी। बावजूद इसके, रोजी-रोटी के लिए वे मजदूरी करने को मजबूर थे।
डॉक्टर की नजर पड़ी, बदली किस्मत
गुरुदेव की जिंदगी तब बदली जब जीएमसीएच के डॉक्टर डॉ. विकास कुमार की नजर उन पर पड़ी। उन्होंने देखा कि गुरुदेव होटल में बहुत मुश्किल से खाना खा रहे हैं। गले में लटकते बड़े ट्यूमर को देखकर डॉक्टर भावुक हो गए और तुरंत उन्हें अस्पताल आने की सलाह दी। जब डॉक्टर को पता चला कि पैसों की कमी के कारण इलाज नहीं हुआ, तो उन्होंने बिना शुल्क लिए ऑपरेशन करने का फैसला किया।
ये भी पढ़ें: जहानाबाद में ये सरकारी स्कूल या मनमर्जी का अड्डा? शिक्षक ही तय करते हैं पढ़ाई का समय!
डॉक्टरों की टीम ने किया सफल ऑपरेशन
इसके बाद सर्जरी विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. तारकेश्वर कुमार और डॉ. विकास कुमार के नेतृत्व में एक विशेष टीम बनाई गई। यह ऑपरेशन बेहद जोखिम भरा था, क्योंकि ट्यूमर गले की नसों से जुड़ा हुआ था। बावजूद इसके, डॉक्टरों ने अपनी कुशलता से घंटों चली सर्जरी को सफलतापूर्वक पूरा किया और 3 किलो का ट्यूमर बाहर निकाला। सफल ऑपरेशन के बाद गुरुदेव मुखिया की हालत में लगातार सुधार हो रहा है। उन्होंने भावुक होकर डॉक्टरों का आभार जताया और इसे अपनी नई जिंदगी बताया।
डॉक्टरों ने दी सेवा की सीख
डॉ. तारकेश्वर कुमार और डॉ. विकास कुमार ने कहा कि चिकित्सा केवल एक पेशा नहीं, बल्कि मानवता की सेवा का अवसर है। उन्होंने कहा कि ईश्वर ने जो ज्ञान और क्षमता दी है, उसका उपयोग समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना ही असली सफलता है। अस्पताल के अधीक्षक डॉ. संजय कुमार ने डॉक्टरों की टीम को इस सफलता के लिए बधाई दी और मरीज के जल्द स्वस्थ होने की कामना की।