Bihar News: पुलिस ने बताया कि प्राथमिकी दर्ज होने के बाद से ही आरोपी फरार थे। पुलिस ने उनकी गिरफ्तारी के लिए सभी संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी की, लेकिन सफलता नहीं मिली।
पूर्णिया के बहुचर्चित खुश्कीबाग गोलीकांड मामले में पुलिस को आखिरकार बड़ी सफलता हाथ लगी है। घटना को अंजाम देने के बाद से फरार चल रहे दो नामजद आरोपियों ने पूर्णिया न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया। कोर्ट में पेशी के उपरांत दोनों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, खुश्कीबाग इलाके में एक गद्दी को लेकर दो गुटों के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था। इसी विवाद ने हिंसक रूप ले लिया, जिसके कारण दोनों पक्षों के बीच मारपीट हुई और गोलीबारी भी की गई। इस हिंसक झड़प में एक स्थानीय युवक गंभीर रूप से घायल हो गया था।
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सदर थाना पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए त्वरित कार्रवाई की और कांड संख्या 436 दर्ज कर अनुसंधान शुरू किया। आत्मसमर्पण करने वाले आरोपियों की पहचान खुश्कीबाग, मिलनपाड़ा निवासी शंकर भगत के पुत्र गुड्डू भगत उर्फ स्वर्णदीप भगत और बिट्टू भगत के रूप में हुई है। सदर थाना पुलिस ने पुष्टि की है कि आत्मसमर्पण करने वाले दोनों आरोपी आपराधिक प्रवृत्ति के हैं और इन पर पहले भी कई गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं।
पुलिस ने बताया कि प्राथमिकी दर्ज होने के बाद से ही आरोपी फरार थे। पुलिस ने उनकी गिरफ्तारी के लिए सभी संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी की, लेकिन सफलता नहीं मिली। अंतिम प्रयास के तौर पर पुलिस ने न्यायालय से इश्तहार निकलवाया था। पुलिस के इसी कानूनी दबाव और लगातार दबिश के कारण आरोपियों को मजबूर होकर मंगलवार को न्यायालय में आत्मसमर्पण करना पड़ा।