पूर्णिया जीएमसीएच में शनिवार को उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब इलाज कराने आए परिजनों ने अस्पताल के डॉक्टरों, कर्मियों और सुरक्षा गार्डों के साथ धक्का-मुक्की और हाथापाई शुरू कर दी। इस हिंसक झड़प में ड्यूटी पर तैनात दो महिला सुरक्षा गार्डों समेत कुल पांच लोगों को हल्की चोटें आई हैं। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस बल मौके पर पहुंचा, जिसके बाद आरोपी फरार हो गए।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, के. नगर थाना क्षेत्र के वनभाग सफरुद्दीन चौक निवासी बबलू आलम की बेटी सोना खातून ने भाई-बहन के बीच हुए विवाद के बाद घर में फांसी लगाकर आत्महत्या करने का प्रयास किया था। परिजनों की नजर पड़ते ही आनन-फानन में उसकी मां शाहिदा खातून उसे इलाज के लिए पूर्णिया जीएमसीएच लेकर पहुंचीं।
बेटी के अस्पताल में भर्ती होने की खबर मिलते ही शहर में ऑटो चला रहे पिता बबलू आलम, चाचा फेंटू आलम और दादा कमरुद्दीन भी जीएमसीएच के इमरजेंसी वार्ड पहुंच गए। वहां पहुंचते ही परिजन गुस्से में आ गए और इलाजरत बेटी के साथ ही मारपीट करने लगे। वार्ड में मरीज के साथ मारपीट होते देख डॉक्टरों ने तत्काल सुरक्षा गार्डों को परिजनों को बाहर निकालने का निर्देश दिया।
दो महिला गार्डों के हाथ और शरीर के अन्य हिस्सों में चोटें आईं
डॉक्टरों के निर्देश पर जब गार्डों ने बीच-बचाव कर परिजनों को बाहर निकालने का प्रयास किया, तो वे उग्र हो गए और गाली-गलौज करते हुए हाथापाई पर उतर आए। देखते ही देखते अतिरिक्त महिला और पुरुष गार्ड भी मौके पर पहुंच गए। इसी दौरान एक महिला गार्ड घटना का वीडियो अपने मोबाइल फोन से बनाने लगी। आरोप है कि गुस्साए परिजनों ने महिला गार्ड पर भी हमला कर दिया, जिससे दो महिला गार्डों के हाथ और शरीर के अन्य हिस्सों में चोटें आईं।
ये भी पढ़ें- Bihar News: बिहार में गंगा का रौद्र रूप! रातोंरात डेढ़ फीट बढ़ा जलस्तर, सैकड़ों एकड़ फसल डूबी; फसलों पर संकट
पुलिस का बयान
हंगामे की सूचना मिलते ही जीएमसीएच टीओपी और के. हाट थाना पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची। पुलिस बल को आता देख हंगामा कर रहे सभी आरोपी मौके से फरार हो गए। मामले की जानकारी देते हुए जीएमसीएच टीओपी प्रभारी कृत्यानंद पासवान ने बताया कि घटना की जांच की जा रही है। अस्पताल प्रशासन या पीड़ितों की ओर से लिखित आवेदन मिलने के बाद आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।