पूर्णिया में मानवता को शर्मसार करने वाली एक घटना सामने आई है। यहां एक महादलित परिवार की नाबालिग बेटी से हैवानियत की गई, जिसके बाद पीड़िता की स्थिति अत्यंत गंभीर बनी हुई है। ग्रामीणों की तत्परता से आरोपी को रंगे हाथों पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया गया है।
जानकारी के मुताबिक, घटना सोमवार शाम करीब 6 बजे जानकीनगर थाना क्षेत्र की है। घटना के बाद इलाके में आक्रोश का माहौल है और स्थानीय लोग आरोपी के लिए कठोरतम सजा की मांग कर रहे हैं। आरोपी युवक की पहचान जानकीनगर थाना क्षेत्र निवासी मो. नजाम के पुत्र मो. महफूज के तौर पर की गई है।
बताया जा रहा है कि पीड़ित महादलित किशोरी सोमवार शाम करीब 6 बजे सूअर चराकर अपने घर वापस लौट रही थी। इसी बीच मो. महफूज ने सुनसान रास्ते का फायदा उठाकर उसे दबोच लिया। आरोपी ने बच्ची का मुंह गमछे से कसकर बांध दिया ताकि वह शोर न मचा सके और उसे गोद में उठाकर पास के मकई के खेत में ले गया। जहां उसने मासूम को अपनी हवस का शिकार बनाया।
दुष्कर्म के दौरान जब पीड़िता ने हिम्मत जुटाकर चीखने का प्रयास किया, तो पास के खेत में मौजूद कुछ युवकों ने आवाज सुनी। संदेह होने पर जब वे खेत की ओर दौड़े, तो वहां का मंजर देखकर सन्न रह गए। वहीं, ग्रामीणों को आता देख आरोपी महफूज ने भागने की कोशिश की, लेकिन स्थानीय युवकों ने उसे खदेड़कर पकड़ लिया। तब तक मासूम गंभीर रूप से लहूलुहान हो चुकी थी।
परिजनों ने तत्काल घटना की सूचना स्थानीय जानकीनगर थाना को दी। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को हिरासत में ले लिया है। वहीं, पीड़िता की गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे पूर्णिया जीएमसीएच में भर्ती कराया गया है, जहां डॉक्टरों की टीम उसकी निगरानी कर रही है।
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डॉक्टरों के अनुसार, नाबालिग की स्थिति स्थिर है और उसकी मेडिकल जांच कराई जा रही है। पुलिस ने आरोपी मो. महफूज के खिलाफ पॉक्सो एक्ट और दुष्कर्म की संगीन धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है।
जानकीनगर थानाध्यक्ष परीक्षित पासवान ने बताया कि आरोपी को जेल भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और पुलिस स्पीडी ट्रायल के जरिए पीड़िता को न्याय दिलाने का प्रयास करेगी। दलित संगठनों और स्थानीय ग्रामीणों ने आरोपी को कड़ी से कड़ी सजा देने की मांग की है। जबकि पुलिस प्रशासन ने पीड़ित परिवार को निष्पक्ष जांच और सुरक्षा का भरोसा दिलाया है।