पूर्णिया पुलिस द्वारा जिले में चलाए जा रहे विशेष 'ऑपरेशन सवेरा' अभियान के तहत मानव तस्करी के खिलाफ बड़ी सफलता हाथ लगी है। वरीय पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) के निर्देश पर गठित संयुक्त टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर मुफस्सिल थाना क्षेत्र के जीरोमाइल गुलाबबाग के पास छापेमारी कर तीन नाबालिग बच्चियों को सुरक्षित रेस्क्यू किया।
जीरोमाइल के ठिकानों पर पुलिस की दबिश
पुलिस कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार, संयुक्त टीम ने सर्विस रोड के किनारे टीन की चादरों से बने पक्के मकानों में छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान तीनों नाबालिग बच्चियों को मानव तस्करों के चंगुल से मुक्त कराया गया।
एनजीओ और पुलिस ने मिलकर चलाया अभियान
रेस्क्यू ऑपरेशन को सफल बनाने में पुलिस के साथ सामाजिक संस्थाओं की भी अहम भूमिका रही। ट्रिनिटी इंडिया ट्रस्ट (एनजीओ) के सामाजिक कार्यकर्ता जय कृष्ण गुरुग और बचपन बचाओ आंदोलन के सदस्य मोहम्मद सज्जाद आलम ने बच्चियों की पहचान और रेस्क्यू में महत्वपूर्ण सहयोग किया।
एसडीपीओ के नेतृत्व में गठित हुई थी विशेष टीम
एसएसपी के निर्देश पर गठित छापेमारी दल का नेतृत्व सदर-1 के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (एसडीपीओ) अभिनव परासर और साइबर थाना पूर्णिया के पुलिस उपाधीक्षक चंदन कुमार ठाकुर ने संयुक्त रूप से किया। टीम में सदर थानाध्यक्ष राजू कुमार, सन्नी कुमार, पूजा कुमारी, सुष्मिता कुमारी, मानव तस्करी विरोधी इकाई की महिला पुलिस पदाधिकारी शबाना आजमी और पुलिस केंद्र के सशस्त्र बल के जवान शामिल थे।
बाल कल्याण समिति के समक्ष पेश की गईं बच्चियां
पुलिस ने मुक्त कराई गई तीनों बच्चियों को बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) के समक्ष पेश कर दिया है। उनके पुनर्वास और आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। साथ ही पुलिस इस रैकेट के मुख्य सरगना और संबंधित मकान मालिकों की संलिप्तता की भी गहन जांच कर रही है।
बेहतर कार्रवाई पर टीम को किया गया सम्मानित
मानव तस्करी जैसे गंभीर अपराध के खिलाफ संवेदनशील और त्वरित कार्रवाई के लिए एसएसपी ने पूरी टीम की सराहना की। अभियान में शामिल पुलिस अधिकारियों, जवानों और एनजीओ सदस्यों को उत्कृष्ट कार्य के लिए सम्मानित और पुरस्कृत किया गया। स्थानीय लोगों ने भी पुलिस की इस कार्रवाई की प्रशंसा की।