किशनगंज के पूर्व एसडीपीओ गौतम कुमार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की तैयारी है। पुलिस मुख्यालय ने आय से अधिक 80 करोड़ रुपये की संपत्ति अर्जित करने के आरोप में उनके निलंबन का प्रस्ताव गृह विभाग को भेजा है। आर्थिक अपराध इकाई (EOU) इस मामले की जांच कर रही है।
अगले तीन से चार दिन में हो सकती है कार्रवाई
यह प्रस्ताव उपमुख्यमंत्री के माध्यम से मुख्यमंत्री तक पहुंचेगा। अगले तीन से चार दिनों में उनके निलंबन पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा। निलंबन के साथ ही उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई और विस्तृत जांच भी शुरू की जाएगी।
छापेमारी के बाद पद से हटाए गए गौतम कुमार
गौतम कुमार को इससे पहले ही किशनगंज के एसडीपीओ पद से हटा दिया गया था। यह कार्रवाई उनके कई ठिकानों पर हुई विजिलेंस छापेमारी के बाद की गई थी, जिसमें करोड़ों की अवैध संपत्ति का खुलासा हुआ था। उन्हें तत्काल पुलिस मुख्यालय में योगदान करने का निर्देश दिया गया था, और उनकी जगह एसडीपीओ-2 मंगलेश कुमार सिंह को किशनगंज का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया था।
सोना-चांदी और अवैध संपत्ति का हुआ था खुलासा
मंगलवार को हुई छापेमारी में आर्थिक अपराध इकाई (EOU) की टीम को 84 लाख रुपये मूल्य के 600 ग्राम सोने के गहने और 2.50 लाख रुपये के चांदी के गहने मिले थे। इसके अलावा, टीम ने लगभग 80 करोड़ रुपये की जमीन-जायदाद और मकान के कागजात भी बरामद किए थे।
परिवार के लोग भी भ्रष्टाचार में शामिल
जांच में खुलासा हुआ है कि गौतम कुमार की अवैध कमाई में उनकी पत्नी रूबी, सास पूनम देवी और पूर्णिया में रहने वाली एक महिला मित्र भी शामिल थीं। इन तीनों के खिलाफ भी मामला दर्ज किया गया है। गौतम कुमार मूल रूप से पूर्णिया के इंदिरानगर, हाउसिंग कॉलोनी, नाला रोड के निवासी हैं। पटना के मुन्ना चौक में भी उनका एक आलीशान मकान है। गौतम कुमार ने 1994 में दरोगा के रूप में अपना करियर शुरू किया था।
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हमेशा सीमांचल क्षेत्र में ही तैनात रहे गौतम
जांच में यह भी सामने आया है कि वह हमेशा पैरवी के दम पर सीमांचल क्षेत्र में तैनात रहे। EOU को उनके शराब, कोयला, लॉटरी और सुपारी तस्करों से संबंध होने के भी सबूत मिले हैं। उनकी संपत्ति में पूर्णिया में 2.5 करोड़ रुपये का एक आलीशान मकान और थार व क्रेटा समेत चार गाड़ियां भी शामिल हैं।