किशनगंज में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की प्रगति यात्रा के दौरान एक चौंकाने वाली घटना सामने आई। मंगलवार को प्रस्तावित बाईपास स्थल का निरीक्षण करते समय सीएम ने सुरक्षा घेरा तोड़कर एक ऐसी पुलिया का जायजा लिया, जो किसी सड़क से नहीं जुड़ी थी और जिसका संपर्क मार्ग पूरी तरह से क्षतिग्रस्त था।
जब घेरा तोड़कर आगे बढ़ गए सीएम नीतीश
यह घटना तब सामने आई जब अधिकारियों ने कथित तौर पर खुली जगह को घेरकर रखा था, ताकि मुख्यमंत्री को वास्तविक स्थिति का पता न चले। हालांकि नीतीश कुमार ने अचानक घेरा तोड़कर आगे बढ़ने का फैसला किया, जिससे विकास कार्यों की वास्तविक स्थिति सामने आ गई।
बिहार सरकार पर बरसा विपक्ष
इस घटना की एक तस्वीर सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गई, जिसमें मुख्यमंत्री को टूटी पुलिया की ओर देखते हुए दिखाया गया है। विपक्षी दलों ने इस मौके का फायदा उठाते हुए सरकार पर तीखा प्रहार किया। विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव और बिहार कांग्रेस ने सोशल मीडिया पर इस तस्वीर को शेयर करते हुए सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए।
यह घटना राज्य में विकास कार्यों की वास्तविक स्थिति और प्रशासनिक पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े करती है। प्रगति यात्रा के दौरान सामने आई यह स्थिति सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन पर भी प्रश्नचिह्न लगाती है।
तेजस्वी यादव ने किया तंज
तेजस्वी यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर तंज कसा। उन्होंने कहा कि प्रगति सह दुर्गति यात्रा में रेड कार्पेट पर चलकर 20 वर्षों के मुख्यमंत्री दूधिया पर्दों के बीच से अदृश्य प्रगति को ढूंढते हुए। आगे उन्होंने लिखा कि बिहार में नीतीश कुमार और DK कंपनी ने संगठित भ्रष्टाचार की लूट मचाते हुए कहीं-कहीं ऐसे दिखावटी आधारनिर्मित ढांचे और फर्जी कागजों पर लकीरें खींच कर 5,000 से अधिक पुल-पुलिया बनवा दिए हैं, जिनका कोई ‘पहुंच पथ’ नहीं है। अधिकांश ऐसे पुल-पुलिया खेतों के बीच में ही अधर में लटके रहते हैं।
उन्होंने आगे लिखा कि ऐसे पुलों का नाजुक वक्त में टेंडर प्रक्रिया पूरी करा कर कार्यारंभ कराने का नाटक रचाया जाता है, ताकि बारिश और बाढ़ का सीजन आ जाए। फिर बारिश में गिने-चुने वो अर्धनिर्मित पुल-पुलिया ढह जाते हैं और बाकी बचे पुल-पुलिया (जो कागजों में बन चुके होते हैं) को फिर Flood Damage Roads & Bridges में गिनकर दुबारा फ्रेश टेंडर प्रक्रिया में भेज दिया जाता है। ऐसे में हजारों करोड़ की संस्थागत लूट अनवरत चलती रहती है और इस लूट के सरगना हैं NK और DK।